उत्तराखंड

लॉटरी के डेढ़ साल बाद भी नहीं मिला फ्लैट, एमडीडीए की आवासीय योजना में देरी की क्या वजह?

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की धौलास आवासीय योजना का काम ठप है। पिछले दो साल से पचास फीसदी काम भी पूरा नहीं किया गया। लिहाजा, प्रधानमंत्री आवास योजना के 240 लाभार्थियों को लॉटरी के डेढ़ साल बाद भी आवास नहीं मिले हैं। दू

सरी ओर, शनिवार को एमडीडीए ने इस प्रोजेक्ट को देख रही कंपनी को बाहर का रास्ता दिखाने का निर्णय ले लिया। एमडीडीए के मुताबिक, धौलांस में 68 करोड़ की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना के चयनित लाभार्थियों के लिए 240 फ्लैट बनाए जाने हैं और 168 एमआईजी श्रेणी के फ्लैट भी प्रस्तावित हैं।

करीब दो साल पहले ब्रिज एंड रूफ कंपनी को यह प्रोजेक्ट सौंपा गया था। दिसंबर 2023 में लाभार्थियों के लिए लॉटरी निकाली गई। लोगों को उम्मीद थी कि उनका अपने घर का सपना पूरा हो जाएगा। लेकिन, बताया जा रहा कि कंपनी ने जिस ठेकेदार को आगे काम सौंपा, उसने हाथ खड़े कर दिए हैं।

मौके पर 45 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। दूसरी ओर, लाभार्थी फ्लैट नहीं मिलने के कारण नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं। उनका कहना है कि काम पूरा होने के बाद ही लॉटरी करवाई जानी चाहिए थी।आगे किसी और ठेकेदार को काम सौंप रहीं कंपनियां एमडीडीए की करोड़ों रुपये की योजनाओं का काम लेकर कई कंपनियां आगे पेटी ठेकेदारी के हवाले कर दे रही हैं।

यही कारण है कि आमवाला तरला, इंदिरा मार्केट रि-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और धौलांस आवासीय योजना का काम समय से पूरा नहीं हो पा रहा है। नियम-कायदा कहता है कि ऐसे प्रोजेक्ट की नियमित निगरानी हो, लेकिन इस तरह के प्रकरण लापरवाही की ओर इशारा कर रहे हैं।

ब्रिज एंड रूफ कंपनी से धौलास आवासीय योजना का काम वापस लिया जा रहा है। तय समय पर काम पूरा नहीं करने के कारण यह निर्णय लिया गया। इसके अलावा पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को जल्द से जल्द फ्लैट दिलाने के लिए एमडीडीए रि-टेंडर करवाकर शेष काम पूरे करवाएगा।

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