उत्तराखंड

गर्मी के साथ ही पीने के पानी के लिए हाहाकार, पुलिस की कड़ी सुरक्षा में बांटा पेयजल

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। लमगाड़ा क्षेत्र में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। हालात यह हैं कि पानी के लिए लोगों में विवाद होना शुरू हो गया है। किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो इसके लिए मंगलवार को पुलिस की मौजूदगी में लोगों को पानी बांटा गया।बीते एक माह से लमगड़ा सहित अन्य स्थानों में पेयजल संकट चल रहा है। सबसे अधिक दिक्कत लमगड़ा क्षेत्र में है। यहां सड़क से लगे गांवों के लोगों को जल संस्थान के टैंकरों से पानी की आपूर्ति कराई जा रही है, वहीं दूरस्थ के लोग धारों और गधेरों के भरोसे हैं। लेकिन, जल संस्थान के टैंकर भी लोगों के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं।

आरोप है कि कुछ रसूखदार लोग एक बार में एक से दो हजार लीटर पानी भर रहे हैं। इससे अन्य लोगों के लिए पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे विवाद की स्थिति पैदा हो रही है। शिकायत मिलने पर सोमवार को तहसीलदार मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया गया कि क्षेत्र में विवाद न हो इसलिए पुलिस जवानों की निगरानी में पानी का वितरण किया जाएगा। मंगलवार को पुलिस की देखरेख में सभी को बराबर पानी बांटा गया। इससे लोगों को काफी हद तक राहत मिली।

द्वाराहाट में दो दिन ठप रहेगी पेयजल आपूर्ति

द्वाराहाट। नगर पंचायत समेत आसपास के इलाकों के लिए बनी रामगंगा पेयजल योजना से दो दिन पेयजल आपूर्ति बाधित रहेगी। जल संस्थान अपर सहायक अभियंता सुरेंद्र सिंह रौतेला ने बताया कि पेयजल योजना की पाइपलाइन कई जगह पर खराब हो गई थी।

वैरती-पान पंप हाउस से लेकर महतगांव तक पुरानी पाइप लाइन को हटाकर लगभग सात किमी की नई पाइपलाइन को बुधवार से जोड़ने का कार्य शुरू होगा। इससे दो दिन क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति बाधित होगी। बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र सहित गवाड़, कोटिला, भुमिकिया में पानी नहीं आएगा।

धारों-नौलों में लगा जमावड़ा
पानी की समस्या नगर में भी गहराने लगी है। लोग पानी के लिए धारों और नौलों में दिखाई दे रहे हैं। यहां रानीधारा, धारानौला आदि नौलों में सुबह चार बजे से लंबी कतार लग रही है। बच्चे, महिलाएं, पुरुष देर रात तक पानी की व्यवस्था में जुट रहे हैं। इसमें लोगों का काफी समय बर्बाद हो रहा है।

60 हजार लीटर पानी बांटा

जल संस्थान ने लमगड़ा समेत काफलीखान, जैंती, तोली, डीनापानी, दुर्गानगर, भेटुली, कालीमठ,लोध, ढौंरा,हवालबाग, पनुवानौला, सल्ला बैंड, कसारदेवी, डोल आश्रम, गुरुड़ाबाज आदि जल संकट वाले इलाकों में टैंकरों से करीब 60 हजार लीटर पानी का वितरण किया।

लमगड़ा से शिकायत आ रही थी कि कुछ लोग एक बार में हजार से दो हजार लीटर पानी भर ले रहे हैं। इससे सभी के लिए समान रूप से पानी का वितरण नहीं हो पा रहा था। हमारी ओर से पुलिस प्रशासन को पत्र लिखा गया था। अब पुलिस की मौजूदगी में पानी का वितरण किया जा रहा है।

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