उत्तराखंड

पहाड़ों में इलाज का इतना बुरा हाल, 8 किमी जानलेवा रास्ते से चल गर्भवती को पहुंचाया अस्पताल

सड़क के अभाव में नेपाल सीमा से लगे सील गांव में एक और गर्भवती महिला की जान जोखिम में चली गई। गनीमत रही कि महिला ने सुरक्षित बच्चे को एंबुलेंस में जना। जच्चे बच्चे को लोहाघाट उपजिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।गर्भवती महिला को आठ किमी पैदल चढ़ाई में डोली से मुख्य सड़क तक लाया गया। जिसमें दो घंटे का समय लगा। बाराकोट ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सील गांव में शनिवार को गोविंद सिंह की पत्नी कमला देवी को प्रसव पीड़ा हुई।

आशा कार्यकर्ता निर्मला देवी के साथ परिजन डोली के सहारे गर्भवती को आठ किलोमीटर डोली के सहारे पातल तक लाए। जहां से 108 आपातकालीन सेवा के जरिए गर्भवती को लोहाघाट उपजिला अस्पताल लाया जा रहा था। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर शंखपाल के जंगल के पास ही एंबुलेंस में गर्भवती का सुरक्षित प्रसव हो गया। जिसके बाद जच्चा-बच्चा को उपजिला अस्पताल लोहाघाट भर्ती करवाया गया।

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