बिजली कटौती की ‘ठोकर’ से लड़खड़ाएगी जलापूर्ति, कई शहरों में जलसंकट से टेंशन – ETV Uttarakhand
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बिजली कटौती की ‘ठोकर’ से लड़खड़ाएगी जलापूर्ति, कई शहरों में जलसंकट से टेंशन

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बिजली कटौती की ‘ठोकर’ से लड़खड़ाएगी जलापूर्ति, कई शहरों में जलसंकट से टेंशन

ऊर्जा निगम ने प्रदेशभर में बिजली की लाइनों  रखरखाव और मरम्मत के लिए सात से दस घंटे की कटौती का शेड्यूल जारी किया है। इस शेड्यूल ने जल संस्थान की चिंता बढ़ा दी है। जल संस्थान के सीजीएम नीलिमा गर्ग ने ऊर्जा निगम के एमडी अनिल कुमार को गर्मियों में पेयजल सप्लाई का हवाला देते हुए बिजली कटौती न करने के लिए पत्र लिखा है।

सीजीएम नीलिमा गर्ग ने कुमार को लिखे पत्र में कहा है कि बिजली कटौती से पानी की आपूर्ति ठप हो जाएगी। बिजली आपूर्ति बाधित होने से ट्यूबवेल नहीं चलेंगे और जल संस्थान के ओवरहेड टैंक नहीं भर पाएंगे। इससे पानी की सप्लाई का पूरा सिस्टम ही बिगड़ जाएगा।हालांकि इस स्थिति से निपटने के लिए जल संस्थान बैकअप के रूप में जेनरेटर सिस्टम तैयार कर रहा है। बिजली सप्लाई बाधित होने वाले क्षेत्रों में ट्राली वाले जेनरेटरों की मदद से ट्यूबवेल चलाए जाएंगे।

कटौती पर सवाल : ऊर्जा निगम की ओर से ऐन गर्मियों में मरम्मत और रखरखाव के नाम पर बिजली कटौती पर सवाल भी उठ रहे हैं। मार्च, अप्रैल की बजाय मई में कटौती गले नहीं उतर रही है। सूत्रों की मानें तो ऊर्जा निगम पर महंगी बिजली खरीद का दबाव है।

इस दबाव से निपटने को रखरखाव के नाम पर कटौती के शेड्यूल जारी किए जा रहे हैं। हालांकि निगम का तर्क है कि आंधी-तूफान में बिजली लाइनों को पेड़ों से बचाने के लिए उनकी टहनियों की लॉपिंग करनी होती है। इसके साथ ही कई दूसरे कार्यों के लिए भी शटडाउन लेना पड़ रहा है।

उधर, जल संस्थान की सीजीएम ने कहा कि गर्मियों में बिजली कटौती के साथ पानी की सप्लाई भी बाधित होने से जनता को दिक्कत होगी। जनता को दिक्कतों से बचाने को ऊर्जा निगम को बिजली कटौती का शेड्यूल बदलने को कहा गया है।

सभी जिलों के लिए कटौती का शेडॺूल जारी कर रहा निगम
ऊर्जा निगम ने देहरादून में निरंजनपुर क्षेत्र समेत आसपास के क्षेत्रों में दस मई तक बिजली कटौती का शेड्यूल जारी किया है। ये शेड्यूल अकेले दून के लिए नहीं है, बल्कि दूसरे जिलों में भी निगम इसी तरह बिजली कटौती के शेड्यूल जारी कर रहा है।

इस शेडॺूल के अनुसार सात से दस घंटे की कटौती से जल संस्थान पेयजल का गंभीर संकट खड़ा होने की संभावना जता रहा है। इसे देखते हुए जल संस्थान ने अपने स्तर से तैयारी भी शुरू कर दी है। इसी क्रम में ऊर्जा निगम को कटौती न करने अथवा उसका संशोधित शेड्यूल जारी करने के लिए पत्र लिखा गया है।

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