शहर में विभिन्न प्रमुख स्थलों के सौंदर्यीकरण निर्माण कार्य गतिमान है. जल्द लोगों को देहरादून घंटाघर दिव्य और भव्य स्वरूप में नजर आएगा. जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा इस पूरे निर्माण कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. शहर के घंटाघर चौक को आधुनिक और यातायात के लिए सुगम बनाया जा रहा है. शहर के चौक चौराहों को पारंपरिक शैली में सौंदर्यीकरण कर खूबसूरत बनाया जाएगा.
गौर हो कि ब्रिटिश काल में भारतीय मूल के जज रहे लाल बलवीर सिंह की याद में बनाए गए देहरादून का घंटाघर अब एक बार फिर नए स्वरूप में नजर आएगा. घंटाघर के सौंदर्यीकरण में यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. जल्द घंटाघर अपने भव्य स्वरूप में लोगों को आकर्षित करेगा. जिसकी कवायद जिला प्रशासन ने तेज कर दी है. बताते चलें कि साल 1948 में लाल बलबीर सिंह की स्मृति में उनके पुत्र कुंवर आनंद सिंह ने देहरादून में घंटाघर का निर्माण किया था. लाल बलबीर सिंह ब्रिटिश काल में एक जाने-माने न्यायाधीश रहे थे, जिनकी याद में देहरादून का घंटाघर का निर्माण किया गया.
देश की आजादी के बाद जब सभी स्वतंत्रता सेनानियों की की स्मृतियों को जिंदा रखने का काम किया जा रहा था तो वहीं इसी दौर में कुंवर आनंद सिंह ने देहरादून में घंटाघर का निर्माण करवाया था. 24 जुलाई 1948 को सरोजिनी नायडू ने इस घंटाघर का शिलान्यास किया था. कुंवर आनंद सिंह ने देहरादून किस घंटाघर का निर्माण अपने परिवार के लोगों की मदद से किया था. लेकिन बाद में इसे देहरादून नगर पालिका ने अपने अधीन ले लिया. समय के साथ अलग-अलग सरकारों व नगर पालिका अध्यक्षों द्वारा घंटाघर का सौंदर्यीकरण किया गया. साथ ही घंटाघर को अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास किया गया. लेकिन घंटाघर के मूल स्वरूप को बरकरार रखा गया.