उत्तरकाशी: जिला मुख्यालय में देर रात सोशल मीडिया पर बड़े भूकंप की अफवाह की फर्जी पोस्ट से अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की अफवाह से डरे लोग परशुराम मंदिर और अन्नपूर्णा मंदिर के बाहर एकत्रित हो गए। बाद में पता चला कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट फर्जी थी। लोगों ने इस तरह की भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शुक्रवार देर शाम से सोशल मीडिया पर एक अफवाह तेजी से फैली कि देर रात्रि में बड़ा भूकंप आने वाला है। इस झूठी खबर से घबराए लोग भैरव चौक, गंगोरी, तिलोथ और मुख्य बाजार में रात्रि को घरों से बाहर निकल आए।
परिवार के बुजुर्गों और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की जल्दी में कई लोग आवश्यक वस्तुएं तक नहीं ले सके। कुछ लोगों ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों को भी फोन कर भूकंप आने की अफवाह साझा कर दी, जिससे घबराहट का माहौल और बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा।
जिला प्रशासन और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया पर चल रही पोस्ट को फर्जी बताया और संयम बरतने की अपील की। पुलिस ने फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की कोशिश की और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी।
देर रात प्रशासन ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट किया कि कोई भूकंप पूर्वानुमान नहीं लगाया गया है और यह खबर पूरी तरह से झूठी है। साथ ही, यह भी कहा गया कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की कि इस तरह की अफवाहों को फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। कई नागरिकों ने कहा कि ऐसे भ्रामक पोस्ट लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं और बेवजह अफरा-तफरी मचती है।
उत्तरकाशी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने कहा कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं की कोई सटीक भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। उन्होंने जनता से अपील की कि केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।