विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर देहरादून स्थित रेंजर्स ग्राउंड में 27 मार्च से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है. जहां प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर कथा का वाचन कर रहे हैं. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए. कथा के दौरान देवकीनंदन ठाकुर ने सीएम धामी से निवेदन किया कि गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम में मदिरा न मिले और श्रद्धालुओं की मदिरा रहित तीर्थ मिल जाए तो इससे तीर्थत्व को आनंद होगा. जिस पर सीएम धामी ने कहा कि धामों में और ज्यादा सख्ती की जाएगी.
दरअसल, उत्तराखंड में 19 अप्रैल से चारधाम की यात्रा शुरू होने जा रही है. उससे पहले देहरादून स्थित रेंजर्स ग्राउंड में 27 मार्च से 2 अप्रैल तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया है. ऐसे में श्रीमद्भागवत कथा के समापन के एक दिन पहले यानी एक अप्रैल को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कथा में शामिल हुए.
इस दौरान सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजनों में सम्मिलित होना जीवन का अत्यंत सौभाग्यपूर्ण क्षण होता है. उन्होंने संतों के सानिध्य और उनके मार्गदर्शन को जीवन के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि ऐसे अवसर व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति और आत्मिक शांति की ओर अग्रसर करते हैं.
सीएम धामी ने देवकीनंदन ठाकुर के जीवन को भक्ति, साधना और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि महाराज ने अल्पायु में ही श्रीमद्भागवत महापुराण को कंठस्थ कर समाज को आध्यात्मिक दिशा देने का काम शुरू कर दिया था, जो अत्यंत प्रेरणादायक है. इसके साथ ही सरकार समाज में समरसता, सांस्कृतिक गौरव और आध्यात्मिक चेतना को बेहतर करने के लिए लगातार काम करती रहेगी.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि हमारी जो धार्मिक आस्थाएं हैं, वो बनी रहनी चाहिए. साथ ही जो परंपरा हमारे पूर्वजों ने हमें दी है, उसको आगे बढ़ना चाहिए. मंत्री दास ने कहा कि हमको आस्थावान होना चाहिए, ना कि नास्तिक होना चाहिए. हालांकि, उनको लगता है कि इसमें लोगों की रुचि बढ़ रही है. खासकर राम मंदिर निर्माण के बाद लोगों की आशा काफी ज्यादा बढ़ गई है, ऐसे में आने वाले समय में कृष्ण मंदिर भी बनेगा, उन्हें विश्वास है.
