राजधानी देहरादून में होली पर्व को लेकर दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय ने विशेष मेडिकल एडवाइजरी जारी की है. होलिका दहन और बड़ी होली के दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए दून अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई जाएगी.
देहरादून में होली पर्व को लेकर दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय ने कमर कस ली है.होली के त्यौहार के दौरान अक्सर रंगों के दुष्प्रभाव, त्वचा एलर्जी, आंखों में केमिकल जाने, कान गले की संबंधी समस्याएं, हुड़दंग के कारण चोट आने की समस्या को देखते हुए दुआ अस्पताल द्वारा सतर्कता बरती जा रही है. हॉस्पिटल में फूड प्वाइजनिंग और पेट संबंधी शिकायतों को लेकर भी दून अस्पताल अलर्ट मोड पर है. साथ ही दून अस्पताल की 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रहेंगी. राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने त्यौहार की खुशियों के बीच सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान देते हुए कहा कि होली खेलते समय सावधानी बढ़ाते केमिकल युक्त रंगों के प्रयोग से बचें.
यदि किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में पैदा होती है तो आप तुरंत दून अस्पताल पहुंचे, जहां आपको आपातकालीन सेवाओं में तुरंत उपचार दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि फिजिशियन, ऑर्थोपेडिक और ईएनटी विशेषज्ञों को छोटी और बड़ी होली में अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही अतिरिक्त डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल की टीम भी तैनात रहेगी. उन्होंने कहा कि होली के त्यौहार में कुल पांच ऐसे बिंदु हैं, जिस पर लोगों को ध्यान देने की जरूरत है. होली त्यौहार में आंखों, कान और नाक में रंग जाने का खतरा रहता है. अगर होली खेलते हुए सिंथेटिक रंगों का प्रयोग किया जा रहा है तो, इससे त्वचा में रिएक्शन होने के चांसेस बढ़ जाते हैं.
अमूमन देखा गया है कि होली के पर्व में दुर्घटनाओं के मामले बढ़ जाते हैं. जिसको देखते हुए अस्पताल की ओर से सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने सलाह दी है कि पर्व के दौरान मिलावटी भोजन खाने से परहेज करें. उन्होंने बताया कि दून अस्पताल किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
