हरिद्वार में आबादी में घुसे हाथी ने मचाया उत्पात, घर के आंगन में खड़ी स्कूटी में की तोड़फोड़ – ETV Uttarakhand
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हरिद्वार में आबादी में घुसे हाथी ने मचाया उत्पात, घर के आंगन में खड़ी स्कूटी में की तोड़फोड़

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हरिद्वार में आबादी में घुसे हाथी ने मचाया उत्पात, घर के आंगन में खड़ी स्कूटी में की तोड़फोड़

जगजीतपुर में देर रात एक जंगली हाथी आबादी क्षेत्र में घुस आया और जमकर उत्पात मचाया. हाथी ने एक घर के बाहर खड़ी स्कूटी को सूंड और पैरों से पटककर क्षतिग्रस्त कर दिया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

जानकारी के अनुसार, देर रात लोग घरों में सो रहे थे तभी अचानक कॉलोनी में हाथी के घुसने से अफरा तफरी मच गई. हरिद्वार के आबादी वाले इलाकों में जंगली हाथियों के घुसने का सिलसिला जारी है. रोजाना हाथी आबादी में घुस रहे हैं और अब तो फसलों के साथ साथ लोगों के वाहनों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं. बताया जा रहा है कि बीती रात एक जंगली हाथी जंगल की ओर से भटककर आबादी में आ गया था. इसी दौरान वह जगजीतपुर स्थित एक मकान के बाहर पहुंचा, जहां खड़ी स्कूटी को उसने निशाना बना लिया.

हाथी ने पहले सूंड से स्कूटी को उठाने की कोशिश की और फिर उसे पटक दिया, जिससे वाहन बुरी तरह टूट गया. स्कूटी मालिक और आसपास के लोग दूर खड़े होकर पूरी घटना का वीडियो बनाते रहे. गनीमत रही कि हाथी ने किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया और कुछ देर बाद खुद ही वहां से आगे निकल गया. क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं. स्थानीय लोगों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और आबादी क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए ठोस इंतजाम करने की मांग की है.

हरिद्वार का अधिकतर आबादी वाला क्षेत्र जंगलों से घिरा है. यहां आयदिन जंगली हाथियों के आबादी में घुसने के मामले सामने आते हैं. लेकिन सबसे ज्यादा आवाजाही हरिद्वार के जगजीतपुर और मिस्सरपुर में देखी जा रही है. बताया जा रहा है कि यह क्षेत्र हाथी कॉरिडोर कहा जाता था. लेकिन आबादी बढ़ने से साथ जंगल सिकुड़ते गए और हाथियों की आवाजाही का मार्ग अवरुद्ध हो गया. बीते कुछ सालों में हाथियों के व्यवहार में भी परिवर्तन आया है. पहले जहां ये हाथियों के झुंड आबादी में चहलकदमी के बाद शांतिपूर्वक वापस लौट जाते थे, वहीं आज ये वाहनों में तोड़फोड़ और फसलों को नुकसान पहुंचाने लगे हैं. लोगों की मांग है कि इस समस्या का स्थायी समाधान होना आवश्यक है, वरना किसी दिन बड़ी अप्रिय घटना भी घट सकती है.

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