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12-12 घंटे के बिजली संकट पर अमित शाह ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

दिल्ली, राजस्थान, गुजरात समेत कई राज्य इस वक्त बिजली संकट (Power Crisis) से जूझ रहे हैं. इस संकट के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने मोर्चा संभाल लिया है. मिली जानकारी के मुताबिक, गृहमंत्री अमित शाह ने देश में चल रहे बिजली संकट पर अपने घर आज बड़ी मीटिंग बुलाई है. अमित शाह की इस बैठक में ऊर्जा मंत्री आरके सिंह, कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी, ऊर्जा और कोयला सचिव समेत कई बड़े अधिकारी शामिल होंगे.

बता दें कि गर्मी की वजह से क्या गांव, क्या शहर सभी परेशान हैं. ऐसे में बिजली संकट आग में घी डालने का काम कर रहा है. फिलहाल कहीं 2 तो कहीं 16-16 घंटे का पावर कट किया जा रहा है.

बिजली संकट की मुख्य वजह पावर प्लांट में पर्याप्त कोयले का ना होना है. इसकी वजह से जम्मू कश्मीर जैसी जगहों में 16 घंटे तक का पावर कट लग रहा है. यहां पिछले हफ्ते के मुकाबले 11.62 फीसदी का पावर शॉर्टेज है. वहीं इस मामले में सबसे आगे झारखंड है. वहां 17.28 फीसदी की शॉर्टेज है. दूसरी तरफ राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने अपनी फैक्ट्रियों पर पावर कट लगाए हैं.

यहां यह जानना भी जरूरी है कि बिजली संकट के पीछे हर जगह कोयली की कमी नहीं है. झारखंड, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में यह संकट कोयला कंपनियों को भुगतान नहीं करने की वजह से भी आया है.

हालात कितने खराब हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केंद्र सरकार ने कई यात्री ट्रेनों को कैंसल किया है. ताकि उस दौरान कोयला ले जा रही ट्रेनें तेजी से आवाजाही कर सकें. बता दें कि कोयले की मदद से भारत में 70 फीसदी बिजली बनाई जाती है.

मौसम विभाग ने भी चिंता बढ़ाई

बिजली संकट के बीच मौसम पर हुई भविष्यवाणी भी चिंता बढ़ा रही है. मौसम विभाग की मानें तो उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक अभी गर्म लहरें तापमान चढ़ाती रहेंगी. रिकॉर्ड तोड़ती भयंकर गर्मी में अगर बिजली का भी साथ नहीं मिलेगा तो  हालात और ज्यादा बिगड़ने तय हैं. फिलहाल राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में हीट वेव का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है. इन सभी राज्यों में बिजली संकट बना हुआ है.

अप्रैल में गर्मी ने 122 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया और यह आगे भी इसी मूड में दिख रही है. गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना समेत कई इलाकों में तापमान 43 से 45 डिग्री तक पहुंच गया है.

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