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चिलियानौला नगर पालिका परिषद में स्थायी ईओ नहीं होने से कार्य प्रभावित

रानीखेत (अल्मोड़ा)। सरकार ने नई नगरपालिकाओं का गठन तो कर दिया, लेकिन वहां पर्याप्त अधिकारी और स्टाफ की तैनाती नहीं की है, जिसके चलते तमाम कार्य प्रभावित हो रहे हैं। 2018 में बनी चिलियानौला नगर पालिका परिषद में आज तक स्थायी ईओ की नियुक्ति नहीं हो सकी है। कहने को ईओ का चार्ज एसडीएम के पास है, लेकिन उनके पास प्रशासनिक कार्य होने के कारण नगर पालिका के कार्यों पर विपरीत असर पड़ रहा है।

अध्यक्ष सहित सभासद भी बार बार स्थायी ईओ की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं हो पाई है। मालूम हो कि चिलियानौला नगर पालिका परिषद की घोषणा 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने की थी। 2018 में नगरपालिका के चुनाव हुए, वहां सात वार्ड गठित किए गए। नैनीताल से ईओ के प्रभार पर आए संजय कनवाल वापस नैनीताल चले गए।

सितंबर 2019 से ईओ का प्रभारी पहले संयुक्त मजिस्ट्रेट नरेंद्र भंडारी के पास था, उनके स्थानांतरण के बाद अब प्रभार एसडीएम अभय प्रताप के पास आ गया है। अध्यक्ष कल्पना देवी का कहना है कि किसी भी कार्य में हस्ताक्षर कराने के लिए एसडीएम के पास आना पड़ता है। जिस कारण समय की भी बर्बादी होती है। स्थायी ईओ की नियुक्ति होनी जरूरी है, इससे विकास कार्यों में गति मिलेगी।

राशि देने के बावजूद नहीं उठ रहा घर-घर से कूड़ा
नगर पालिका में सफाई व्यवस्था भी सिर्फ सड़क से लगे वार्डों तक सीमित है। वार्ड नंबर पांच और छह सड़क से दूर हैं। यहां बुलाने के बावजूद सफाई के लिए कर्मचारी नहीं पहुंच रहे हैं। घर-घर से कूड़ा उठान का प्रतिमाह 30 रुपये लिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि कर्मचारी महीने में एक दिन आ रहे हैं। उनका कहना है कि अब वे राशि का भुगतान नहीं करेंगे।

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