कुमाऊं

पिथौरागढ़: दुबड़ीगाड़ पर जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे ग्रामीण

पिथौरागढ़: 27 जुलाई की रात छिपलाकेदार क्षेत्र में बादल फटने से दुबड़ीगाड़ पर बना बीआरओ का बड़ा पुल जमींदोज हो गया था. पुल टूटने से चामी से मदकोट तक करीब 100 गांवों का शेष दुनिया से संपर्क कट गया था. आर्मी के जवानों द्वारा दुबड़ीगाड पर रस्सी की मदद से आपदा प्रभावितों का रेस्क्यू किया जा रहा था. वहीं, नदी का जलस्तर कम होने पर आज दुबड़ीगाड़ पर लकड़ी का अस्थायी पुल बनाया गया है. जिसकी मदद से लोग नदी पार कर रहे है. वहीं, दुबड़ीगाड़ में बीआरओ ने वैली ब्रिज बनाने की तैयारी शुरू कर दी है.

बंगापानी तहसील में दुबड़ीगाड़ पर पांच साल पहले बना बीआरओ का बड़ा पुल आपदा की भेंट चढ़ गया था. जिसके चलते चामी गांव में करीब 150 लोग लैंडस्लाइड जोन में फंसे हुए थे. कुमाऊं स्कॉट के जवानों ने रस्सियों के सहारे आपदा प्रभावितों को रेस्क्यू किया. वहीं, प्रशासन ने गुरुवार स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से दुबड़ीगाड़ पर लकड़ी का अस्थायी पुल तैयार किया है. जिसके बाद पुल से आवाजाही शुरू हो गई है.

भाजपा विधायक बिशन सिंह चुफाल ने गुरुवार को बंगापानी तहसील के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया. प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए.

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