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बाजार से कपड़ा खरीदकर सिलाई मशीनों से मास्क बना रहीं महिलाएं

बाजार से कपड़ा खरीदकर मास्क बना रहीं महिलाएं

कोरोना से जंग लड़ने के लिए महिलाओं ने जनसेवा को हथियार बनाया है। वे मास्क बना रही हैं और डिमांड के अनुसार उन्हें लोगों तक पहुंचा भी रही हैं। महिलाएं कोरोना वायरस के बाद हुए लॉक डाउन में लोगों की मदद के लिए जमकर प्रयत्न कर रही हैं। वैश्विक महामारी को दूर करने के लिए सबको मिलकर प्रयत्न करने की जरूरत है। महिलाओं के जज्बे की लोग सराहना भी कर रहे हैं। कोरोना से बचने के लिए सबसे जरूरी मास्क की मांग भी जोरों पर है। हर कोई मास्क नहीं खरीद सकता और बाजार भी नहीं आ सकता है। इसके लिए मां भगवती सहायता समूह अर्नसा के अध्यक्ष आशा देवी अपने अन्य तीन साथी कमला देवी, नीमा देवी और जानकी देवी के साथ मिलकर मास्क तैयार कर रही हैं। बाजार से कपड़ा खरीद रही हैं और सिलाई मशीनों से मास्क बना कर डिमांड के अनुसार लोगों तक पहुंचा रही हैं। आशा देवी ने बताया कि वह एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा मास्क का निर्माण किया जा रहा है। पहाड़ में सामान आसानी से नहीं मिल पाता है। कपड़ा तो बाजार से मिल गया, लेकिन इलास्टिक के लिए उन्हें हल्द्वानी डिमांड देनी पड़ रही है। अभी तक दो हजार से अधिक मास्क उन्होंने जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी, गांवों आदि स्थानों तक पहुंचाए हैं। वर्तमान में उनके पास अच्छी डिमांड है और वे लॉकडाउन में घर पर रखकर सामाजिक दूरी बनाते हुए मास्क आदि का निर्माण कर रही हैं।

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