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चम्पावत के तल्लादेश में वायरल का प्रकोप, बेहतर उपचार न मिलने से लोगों में आक्रोश

चम्पावत : कोरोना वायरस को लेकर जहां पूर्व विश्व में हाहाकार मचा हुआ है। वहीं तल्लादेश क्षेत्र में सर्दी-जुकाम से लोग खासे परेशान है, लेकिन अस्पताल में कोई चिकित्सक न होने के कारण लोग उपचार नहीं करा पा रहे हैं। लोगों का यह भी कहना है कि क्षेत्र के 50 फीसद युवा केरल में नौकरी करते हैं तो क्षेत्र में वापस लौट रहे हैं, मगर उनकी जांच को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है।

ग्राम प्रधान तामली भावना जोशी, बीडीसी सदस्य मनोज कुमार, पोलप ग्राम ग्राम सरिता देवी, बचकोट ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह, विपिन जोशी, माहर सिंह, नवीन जोशी, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र जोशी, राजेश पांडे, शैलेष जोशी आदि ने बताया कि तामली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर गौरव ओली की तैनाती है, लेकिन वह आज तक अस्पताल में दिखाई नहीं दिए। वहीं मंच अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉ. ज्ञानेश्वर यादव, डॉ. अंकुर बिष्ट भी कभी कभार ही बैठते हैं। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को उपचार कराने में काफी दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने सीएमओ से अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती करने के साथ जांच कराने की मांग की है।

सर्दी-जुकाम का मतलब कोरोना नहीं : सीएमओ सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि यह वायरल का समय है। सर्दी जुकाम होने का मतलब यह नहीं कि वह कोरोना वायरस है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। अस्पताल में तैनात डॉक्टर ओली को दिखाएं और उपचार कराएं। बाहर से आने वाले युवाओं की जरूर जांच कराएं। संदिग्ध बता रेफर किए दंपती की हालत ठीक

चम्पावत : बीते दिनों लोहाघाट के पुल्ला क्षेत्र के दंपती को कोरोना का संदिग्ध बताकर रेफर करने के मामले में सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि दंपती से मुलाकात कर उसकी जांच की गई है। उसे नॉर्मल वायरल के चलते सर्दी-जुकाम है। उसमें कोरोना को लेकर कोई लक्षण नहीं मिले हैं। उन्होंने जिला अस्पताल पर लापरवाही करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर कोई कोरोना संदिग्ध है तो उसे एंबुलेंस के जरिये हायर सेंटर रेफर करना चाहिए था। उसकी पूरी तरह जांच करनी चाहिए थी। उसका कोई नंबर भी नहीं लिया गया था। न ही मुझे व आइसीडीएस को सूचना तक नहीं दी गई। शनिवार को दंपती के घर पुल्ला पहुंचकर उससे पूछताछ की गई। उसकी हालत ठीक है।

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