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सिल्क्यारा-पौल गांव सुरंग परियोजना के डंपिग जोन के खतरे से ग्रामीण सहमे

उत्तरकाशी : राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास निगम (एनएचआइडीसीएल) कंपनी की ओर से सिल्क्यारा-पौल गांव सुरंग परियोजना के डंपिग जोन के खतरे से ग्रामीण सहमे हुए हैं। बुधवार को ग्राम पंचायत सौंद (मंजगांव) के ग्रामीण ने डंपिग जोन के पास पहुंच कर कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके साथ ही जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान को ज्ञापन भेजा। ग्रामीणों ने दस दिन के अंदर समस्या का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण से लेकर सुरंग निर्माण में एनएचआइडीसीएल कंपनी मानकों की अनदेखी कर रही है। निर्माण में निकलने वाले मलबे को कहीं गंगा में उड़ेला जा रहा है तो कहीं गांव के निकट डाला जा रहा है। सुरंग का मलबा मंजगांव के ऊपर के जंगल में डाला जा रहा है। यह मलबा मंजगांव में कभी भी कहर मचा सकता है। ग्रामीण इससे सहमे हुए हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों के गोचारान का क्षेत्र खेत खलियान भी प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में ग्रामीण गांव से पलायन करने के लिए विवश होना पड़ेगा। इस संबंध में कई बार ग्रामीणों ने प्रशासन को भी अवगत कराया। लेकिन, समस्या का समाधान नहीं हो सकता। वहीं मलबे की ढेर लगती जा रही है।

जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।

इस मौके पर ग्राम प्रधान दीपक, सत्येंद्र कुमार, शशि कुमाईं, शंकरमणी बिजल्वाण, प्रमोद, दिनेश, वंशीधर प्रसाद, काशीराम, विजय प्रसाद, राममूर्ति, नवीन, संदीप सेमवाल, अनिल नौटियाल, नरेशचंद्र, मदन दास आदि मौजूद थे।

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