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दशोली विकासखंड की ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी को सौपा अपना त्यागपत्र

गोपेश्वर : चमोली जिले में दशोली विकासखंड के धारकोट ग्राम प्रधान सुनीता फरस्वाण ने जिलाधिकारी को अपना त्यागपत्र सौंपकर पूर्व ग्राम प्रधान पर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा गया कि जिस योजना पर सरकारी धनराशि खर्च करना दिखाया गया है, वहां धरातल पर कार्य हुआ ही नहीं है। शिकायत के बाद भी मामले में कार्यवाही न होने से ग्राम प्रधान ने पद से इस्तीफा जिलाधिकारी को सौंपा है।

ग्राम प्रधान सुनीता फरस्वाण का कहना है कि पूर्व ग्राम प्रधान लकेश तोपाल ने अपने कार्यकाल में धनराशि का आहरण कर इस एवज में कार्य नहीं किया है। आरोप लगाया कि उन्हें अभी तक आय-व्यय का रजिस्टर व अन्य दस्तावेज आधे अधूरे दिए हैं। पूर्व प्रधान उनके कार्यों में हस्तक्षेप भी किया जा रहा है। पूर्व ग्राम प्रधान के आरोप है कि राज्य वित्त, मनरेगा, 13 वां और 14 वां वित्त आदि से निकाली गई धनराशि का धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। स्वजल योजना के तहत बीते वर्ष अलग-अलग तिथियों में एक लाख से अधिक धनराशि निकाली गई, लेकिन कहीं कोई काम नहीं हुआ।

राज्य वित्त, दसवां वित्त की प्रस्तावित योजनाओं के लिए बीते वर्ष मई में पैसे निकाले गए, लेकिन इसी साल फरवरी से दो कार्य शुरू किए जो अभी अधूरे हैं। मनरेगा के तहत भी पैसे निकाले गए, लेकिन काम नहीं हुआ। पंचायत की खुली बैठक में पूर्व में करवाए गए विकास कार्यों के बारे में वीडीओ, मनरेगा सहायक, जेई मनरेगा से भी जानकारी मांग चुकी हैं, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि प्रधान का इस्तीफा मिलने की बात करते हुए कहा कि इसे स्वीकार करने की कार्रवाई की जा रही है। वित्तीय अनियमितताओं की जांच डीपीआरओ को सौपी गई है।

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