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प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद से विक्रम रावत को हटाकर सुमित भुल्लर को सौंपी जिम्मेदारी

एक ओर पूरे देश और प्रदेश में कोरोना महामारी के खिलाफ जंग छिड़ी है, दूसरी ओर प्रदेश में कांग्रेस के बीच अंतर्कलह तेज हो गया है। प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद से विक्रम रावत को हटाकर कार्यकारी अध्यक्ष सुमित भुल्लर को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। विक्रम रावत पूर्व विधायक रणजीत रावत के पुत्र हैं। कभी पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत के बेहद करीबियों में शुमार रणजीत रावत का अब उनके साथ छत्तीस का आंकड़ा है। खास बात है कि मौजूदा संवेदनशील मौके पर विक्रम रावत को हटाने से पहले पार्टी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को विश्वास में लेने की जरूरत नहीं समझी। इससे पार्टी के भीतर गुटबंदी नए सिरे से बढ़ने के आसार हैं।

प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बकायदा निर्वाचित हुए विक्रम रावत काफी पहले से ही पार्टी के भीतर अपने विरोधियों के निशाने पर हैं। बताया जाता है कि विक्रम के पिता व पूर्व विधायक रणजीत रावत के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ संबंध बिगड़ने के बाद से पार्टी के भीतर एक गुट विक्रम रावत के खिलाफ सक्रिय रहा है।

इस गुट का असर रहा कि प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में पराजित हुए सुमित भुल्लर को प्रदेश युवक कांग्रेस में कार्यकारी अध्यक्ष पद पर बिठाया गया। अब राष्ट्रीय युवक कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवासन ने विक्रम रावत को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया। वहीं, सुमित भुल्लर को अध्यक्ष पद की नई जिम्मेदारी दी गई है।

विक्रम रावत को हटाने के बाद से सोशल मीडिया पर प्रदेश युवक कांग्रेस से जुड़े कई युवा नेताओं ने भी इस्तीफे की घोषणा कर दी है। सूत्रों के मुताबिक विक्रम रावत को प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद से नहीं हटाने की पैरवी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह, इंदिरा हृदयेश व करन माहरा भी नई दिल्ली जाकर कर चुके हैं। विक्रम रावत अल्मोड़ा जिले के सल्ट ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत प्रमुख भी हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि विक्रम रावत को हटाने से पहले उनसे नहीं पूछा गया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से विक्रम रावत को बहाल करने की मांग की है।

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