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शातिर ने 10 दुकानदारों को लगाया चूना, बेचा एक ही फूड लाइसेंस

देहरादून। दुकानदारों को जाली फूड लाइसेंस देकर पैसे हड़पने वाले शातिर को क्लेमेनटाउन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित ने एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर के फूड लाइसेंस को 10 दुकानदारों को दिए हैं। थानाध्यक्ष नरोत्तम बिष्ट ने बताया कि सोमवार को वीरेंद्र सिंह निवासी टर्नर रोड ने तहरीर दी कि अमन कुमार निवासी गोरखपुर ने फूड लाइसेंस बनाने के नाम पर उनसे 1500 रुपये ले लिए थे, लेकिन जो लाइसेंस दिया, वह जाली निकला। 

पुलिस ने फूड लाइसेंस के बारे में जानकारी जुटाई तो पता लगा कि आरोपित अमन ने जिस रजिस्ट्रेशन नंबर पर वीरेंद्र कुमार को फूड लाइसेंस दिया था, वह रजिस्ट्रेशन नंबर ऑरेंज हेल्थ केयर, नेहरू कॉलोनी का है। जांच के दौरान यह भी पता लगा कि अमन कुमार ने इसी रजिस्ट्रेशन नंबर पर दीपक थापा निवासी प्रेमनगर को मीट-मछली बेचने के लिए फूड लाइसेंस दिया गया। आरोपित से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसने 10 लोग को इसी तरह जारी लाइसेंस दिए हैं। 

अमन ने बताया कि वह पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट के यहां काम करता था, जहां पर फूड लाइसेंस बनाने का काम भी कभी-कभी आता था। इसके बाद लॉकडाउन लग गया और उसको वेतन नहीं मिल पाया। इस दौरान उसने कुछ व्यक्तियों से फूड लाइसेंस बनाने के लिए पैसे लिए थे और वह लोग फूड लाइसेंस देने का दबाव बना रहे थे। 

होटल की रसोई से खाद्य पदार्थों के भरे सैंपल 

मसूरी के एक होटल में ठहरे आठ पर्यटकों के खाना खाने के बाद बीमार होने के मामले का खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने संज्ञान लिया। विभाग ने होटल की रसोई का निरीक्षण किया। रसोई में कई खामियां मिलीं। विभाग ने खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा निरीक्षक संजय सिंह ने होटल की रसोई में खाद्य सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया और खाने के सैंपल भरे। 

खाद्य सुरक्षा निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि होटल में खाना खाने से बीमार हुए पर्यटकों ने ब्रेड टोस्ट के अधिक ऑर्डर दिए थे। इसलिए ब्रेड का सैंपल लिया गया है। रसोई में मिली खामियों पर होटल संचालक को नोटिस दिया गया है। एक सप्ताह में खामियों को ठीक करने को निर्देशित किया गया है।  

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