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उत्तराखंड पुलिस को मिली सफलता

हरिद्वार: भिक्षावृत्ति में लिप्त छोटे बच्चों का जीवन सुधारने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन मुक्ति’ का आज समापन हो गया. भेल के कन्वेंशन हॉल में आयोजित समारोह में डीजी लॉ एंड आर्डर अशोक कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की. डीजी ने बच्चों को स्कूल सामग्री भी वितरित की.

बता दें कि हरिद्वार में करीब 400 बच्चों को चिन्हित किया गया था. इनमें से 275 बच्चों को ऑपरेशन मुक्ति के तहत हरिद्वार के विभिन्न स्कूलों में दाखिला दिलाया गया है. उत्तराखंड पुलिस की यह मुहिम समाज की मुख्यधारा से अलग-थलग पड़े इन बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए काफी कारगर साबित हुई है.

वहीं इस समापन समारोह में हरिद्वार के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ इस अभियान में जुड़ने वाली सामाजिक संस्थाओं और स्कूली बच्चों ने भी शिरकत की. डीजी अशोक कुमार कहना है कि भिक्षावृत्ति एक अपराध है और समाज में भिक्षा मांगने वाले बच्चों को भिक्षा नहीं शिक्षा देने के उद्देश्य से इस अभियान की शुरुआत की गई है.

पहले चरण में यह अभियान हरिद्वार और देहरादून में चलाया गया है. इस अभियान के तहत 68 बच्चों को देहरादून में और 275 बच्चों को हरिद्वार के विभिन्न स्कूलों में दाखिला दिलाया गया है. ताकि इन बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके. स्कूल में दाखिल किए गए बच्चों और इनके परिवार वालों की लगातार मॉनिटरिंग पुलिस द्वारा की जाएगी.

अगर परिवारजन बच्चों को स्कूल नहीं भेजते हैं या पुनः भिक्षावृति कराते हैं तो इसमें परिवार वालों को जेल भेजने का प्रावधान भी रखा गया है. उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में आगे भी यह अभियान चलाया जाएगा. वहीं इस अभियान में सबसे ज्यादा सफलता पुलिस को हरिद्वार में मिली है.

स्थानीय लोग भी उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाए गए ऑपरेशन मुक्ति अभियान की सराहना कर रहे हैं. जिन स्कूलों में इन बच्चों को दाखिला दिलाया गया है उनमें निर्धन निकेतन स्कूल के प्रबंधक ऋषि रामकृष्ण का कहना है कि इस तरह के अभियान समाज के लिए आवश्यक है. स्कूल में 74 बच्चों को दाखिला दिलाया गया है जिनका शिक्षा और भोजन का खर्चा संस्था द्वारा उठाया जाएगा और यह पुलिस द्वारा उठाया गया एक सराहनीय कदम है.

पिछले करीब दो महीनों से उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान ऑपरेशन मुक्ति का आज हरिद्वार में समापन हो गया. इस अभियान के जरिए पुलिस ने हरिद्वार और देहरादून जनपद में कुल 343 भिक्षा मांगने वाले बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है. भिक्षा मांग अपना जीवन यापन करने वाले बच्चों के जीवन को सुधारने वाले पुलिस के इस कदम की जितनी भी सराहना की जाए वह कम है.

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