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हंगामे की बीच आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट गैरसैण विधानसभा में पेश

गैरसैंण, राज्य ब्यूरो।  त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में अपना चौथा बजट पेश करेगी। इससे पहले मुख्‍यमंत्री रावत ने विपक्ष के हंगामे की बीच आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की। इसके तहत सकल घरेलू उत्पाद में 6.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राज्‍य की  विकास दर में वर्ष 2017-18 में 7.84 प्रतिशत की वृद्धि आंकी गई। राज्य में प्रतिव्यक्ति आय एक लाख 98 हजार 738 है, जबकि कृषि और खनन में ग्रोथ रेट ऋणात्‍मक है। पशुपालन में गोवंशीय और महिवंशीय ऋणात्‍मक ग्रोथ 9.38 है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ा है। सूबे में फॉरेस्ट कवर 8.04 प्रतिशत बढ़ा है। माना जा रहा है कि करीब 54 हजार करोड़ के इस बजट में सरकार का मुख्य फोकस रोजगार, स्वरोजगार को बढ़ावा देने, आजीविका के साधनों को बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण और शहरी अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर रहेगा।

 फारेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा के मामले पर सरकार को घेरा

गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने फारेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा के मामले पर सरकार को घेरा। साथ ही वेल में पहुंचकर हंगामा किया। इसे नियम-58 में सुनने के आश्वासन पर विपक्षी विधायक माने। अब प्रश्न काल में श्रम मंत्री हरक सिंह श्रमिकों को दी जाने वाली सुविधाओं पर विपक्ष व सत्ता पक्ष के विधायकों के सवालों का जवाब दे रहे। उन्‍होंने कहा कि प्रदेश में निर्माण श्रमिकों की संख्या 2.98 लाख है उन्हें श्रमिक टूल किट, सिलाई मशीन सुविधाओं को मुहैया कराया जा रहा है।

 

बेरोज़गारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा

गैरसैंण में बजट सत्र में बेरोजगारी का मुद्दा गरमाया। सदन में विपक्ष ने बेरोजगारों का मामला उठाया। विपक्ष ने बेरोज़गारी के मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदेयश ने कहा कि सरकार निष्पक्ष फॉरेस्‍ट गार्ड भर्ती परीक्षा कराने में असफल रही है।

बजट जनता की भावनाओं के अनुरूप होगा: सीएम

गैरसैंण बजट सत्र पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बजट जनता की भावनाओं के अनुरूप होगा। इस बजट में हर वर्ग का ख्याल रखा गया है। कुल मिलाकर बजट समावेशी होगा। साथ ही सीएम ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष बजट में सहयोग करे। विपक्ष अगर हंगामा करता है तो वह करता रहे। हम सिर्फ बजट पर ध्यान देंगे।

वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बजट बुधवार को शाम चार बजे सदन के पटल पर रखा जाएगा। नए वर्ष के लिए बजट आकार में बीते वर्ष की तुलना में करीब 10 से 15 फीसद की वृद्धि हो सकती है। वर्ष 2018 में इन्वेस्टर्स समिट के बाद की अब तक की अवधि में सरकार ने पूंजी निवेश के प्रस्तावों को अमलीजामा पहनाने में जुटी है। काफी संख्या में नए उद्योगों की स्थापना का रास्ता साफ हो चुका है। इनमें से कुछ उद्योग आगामी छह माह के भीतर राज्य में उत्पादन शुरू कर सकते हैं। ऐसे में बजट में उद्योगों को तरजीह मिलने के संकेत हैं।

पिछले वर्ष 48663 करोड़ और फिर 2533 करोड़ का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया गया था। बजट में नए करों को जनता पर लगाने की सरकार की योजना नहीं है। यह विकासोन्मुखी हो सकता है। शिक्षा, उच्च शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, शहरी विकास, कृषि, ग्रामीण सड़कें, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जलशक्ति मिशन पर नए बजट पर जोर रहेगा। जमरानी परियोजना के साथ ही हरिद्वार में महाकुंभ योजना के लिए बजट प्रविधान होना है। महाकुंभ के तमाम निर्माण कायोँ को नए वित्तीय वर्ष में ही पूरा किया जाना है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि महाकुंभ के लिए उसे केंद्र से पर्याप्त वित्तीय मदद मिलेगी।

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