नेतागिरी

उत्तराखंड भाजपा ने देहरादून पार्टी मुख्यालय में तैनात किए बाउंसर

देहरादून: अभी तक आपने कार्यक्रमों व बड़े आयोजनों में तो बाउंसर लगाने की बात सुनी होगी. लेकिन किसी पार्टी के कार्यालय पर बाउंसर को तैनात कर दिया गया हो यह सुनने में अटपटा जरूर लगता है लेकिन ये खबर सही है. जी हां उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश कार्यालय पर बाउंसर तैनात कर दिए गए हैं.

इसलिए तैनात किए बाउंसर: ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि अब तक भाजपा प्रदेश की 59 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है. वहीं नामों की घोषणा के बाद से कई क्षेत्रों में अन्य दावेदारों ने विरोध करना शुरू कर दिया है. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध की आशंका को देखते हुए पार्टी दफ्तर पर बाउंसर तैनात करने का निर्णय लिया गया.

उत्तराखंड भाजपा में बढ़ रहे विरोध को देखते हुए अब पार्टी मुख्यालय देहरादून पर बाउंसर तैनात कर दिए गए हैं. दरअसल, हाल ही में पार्टी ने 59 सीटों पर टिकट बांटे हैं. टिकट बंटवारे के बाद जिन दावेदारों को टिकट नहीं मिले उनकी तरफ से विरोध भी किया जा रहा है. इसको देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि कई लोग पार्टी कार्यालय पर विरोध के दौरान हंगामा भी कर सकते हैं.इन्हीं आशंकाओं को देखते हुए पार्टी ने मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं के हुड़दंग और हंगामे से बचने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है. फलस्वरूप पार्टी ने कार्यालय में दो बाउंसर तैनात किए हैं. इसके अलावा पार्टी के सुरक्षा प्रकोष्ठ को भी इस दौरान कार्यालय में निगरानी रखने के लिए कहा गया है. वहीं पार्टी कार्यालय पर पार्टी के ही नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध और हंगामे की आशंका को लेकर लगाए गए बाउंसरों पर पार्टी के पदाधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. 

कांग्रेस दफ्तर में हो चुकी है मारपीट: दरअसल पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मारपीट हुई थी. उत्तराखंड में हरीश रावत के ट्वीट पर हुए बवाल के बाद कांग्रेस भवन में हरीश रावत समर्थकों ने एक नया विवाद पैदा कर दिया था. हरीश रावत के समर्थकों ने पार्टी कार्यालय में ही प्रीतम सिंह के समर्थक माने जाने वाले पार्टी प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह के साथ मारपीट कर दी थी. विवाद हरीश रावत को लेकर गलत बयानी से शुरू हुआ था. राजेंद्र शाह ने आरोप लगाया कि एक दिन पहले ही हरीश रावत के खासम खास राजीव जैन और जसबीर ने भी पार्टी कार्यालय में आकर हरीश रावत के खिलाफ बोलने को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया था.

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