देश/प्रदेश

दिल्ली में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक, NPR पर हो सकता है फैसला

नई दिल्ली : दिल्ली में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुरु हो गई है. बैठक में विभिन्न नीति और योजना से संबंधित निर्णय होने की संभावना है. हालांकि, मोदी सरकार आज एक और फैसला ले सकती है. यह फैसला राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को अपडेट करने से जुड़ा हुआ है.

आपको बता दें, इस बैठक बाद सरकार जल्द ही NPR को अपडेट करने का काम शुरू कर सकती है.

दरअसल, NPR देश के नागरिकों की एक लिस्ट है, जिसके तहत नागरिक के मौजूदा पते की जानकारी अपडेट होनी है. कई राज्य NPR का भी विरोध कर रहे हैं, हालांकि सरकार जनसंख्या की गिनती के साथ-साथ NPR भी करने जा रही है. किसी भी भारतीय नागरिक के लिए NPR में रजिस्टर करना जरूरी होता है.

गौरतलब है कि यह बैठक नागरिकता संशोधन कानून पर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बाद हो रहा है. इस बैठक से इतर आज देश के कई हिस्सों में CAA के खिलाफ प्रदर्शन भी जारी रहेगा.

भारत सरकार के मुताबिक इस डेटाबेस में जनसांख्यिकी जानकारी के साथ-साथ बायोमेट्रिक जानकारी को भी संकलित किया जाना है. इसी को लेकर कई राज्य सरकारों ने विरोध किया है. विरोध करने वालों में प.बंगाल और केरल प्रमुख राज्य हैं. इन राज्यों को आशंका है कि कहीं केन्द्र सरकार इसके जरिए एनआरसी ना लागू कर दे.

आइए जानते हैं आखिर क्या है एनपीआर

एनपीआर का उद्देश्य देश के सामान्य निवासियों की व्यापक पहचान का डेटाबेस बनाना है. इस डेटा में जनसांख्यिंकी के साथ बायोमेट्रिक जानकारी भी होगी.देश के आम निवासियों का रजिस्टर है एनपीआर. इसे नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत बनाया जाएगा.

नागरिकता (नागरिकों का रजिस्ट्रीकरण एवं राष्ट्रीय पहचान पत्रों का जारी किया जाना) नियम, 2003 के प्रावधानों के तहत स्थानीय (गांव/उपनगर), उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जा रहा है NPR.भारत के प्रत्येक आम निवासी के लिए एनपीआर के तहत पंजीकृत होना जरूरी है.

एनपीआर के उद्देश्यों के लिए आम निवासी की परिभाषा एक ऐसे व्यक्ति के रूप में की गई है, जो किसी स्थानीय क्षेत्र में विगत छह महीने तक या अधिक समय तक रहा हो या जो उस क्षेत्र में अगले छह महीने या अधिक समय तक रहने का इरादा रखता हो.

विशेष