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उक्रांद ने उत्तराखंड में पीठासीन अध्यक्षों के सम्मेलन का किया विरोध

देहरादून, उक्रांद ने राज्य सरकार पर जनता के पैसों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। दून में होने वाले विधानसभा व विधान परिषद के पीठासीन अध्यक्षों के अखिल भारतीय सम्मेलन की खिलाफत की। देवस्थानम बोर्ड के गठन को लेकर भी उक्रांद ने सरकार पर हमला बोला।

कचहरी रोड स्थित केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष विजय बौड़ाई ने कहा कि राज्य के विकास पर ध्यान केंद्रित न कर मूल मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। राज्य सरकार बेवजह के सम्मेलनों का बोझ राज्य की जनता पर डाल रही है।

उन्होंने कहा कि 17 से 21 दिसंबर को होने जा रहा ये सम्मेलन जनता के धन की बर्बादी है। इससे राज्य को कोई फायदा नहीं होने जा रहा है। प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और भाजपा सरकार दोनों हाथों से जनता का पैसा लुटा रही है। सिर्फ दिल्ली में बैठे हुए नेताओं को खुश करने का प्रयास कर रही है। विधानसभा में सचिव के रिटायर होने के बाद लगातार सेवा विस्तार किया जा रहा है। यह प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है।

उन्होंने कहा कि देवस्थानम बोर्ड के गठन से पंडे पुजारियों, हक हकूकधारियों की भावनाओं से खेलने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार की यही मंशा है कि वह राज्य की खराब आर्थिक हालत मठ मंदिरों से मिलने वाले दान चढ़ावे की राशि से सुधारे।

कहा कि गैरसैंण का मुद्दा भी कांग्रेस, भाजपा के लिए सत्ता में आने भर का जरिया मात्र है। वह विगत कई सालों से गैरसैण को भुनाते हुए वोट का खेल खेल रही हैं और जनता को गुमराह किया जा रहा है। प्रेस वार्ता में ब्रह्मानंद डालाकोटी, राजेंद्र बिष्ट, जितेंद्र डंगवाल, शिवराज सिंह आदि मौजूद थे।

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