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IFS अफसरों से मिलने वाले दो ट्रेनी IAS भी आइसोलेशन वार्ड की निगरानी में रखे गए

मसूरी: लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में ट्रेनिंग ले रहे दो आईएएस अधिकारियों को परिसर के महानदी कैंपस में बने आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है. दोनों अफसर कोरोना वायरस की चपेट में आए आईएफएस अधिकारी से मिलने गए थे. इसके बाद से ही अकादमी प्रशासन से उनको आइसोलेशन वार्ड पर रखने की मांग की गई थी. डॉक्टरों की टीम दोनों पर विशेष नजर बनाए हुए है.

अकादमी प्रशासन द्वारा एक पत्र के माध्यम से दोनों आईएएस अधिकारियों को आइसोलेशन वार्ड में रखने की बात को स्वीकारा भी गया है. इस घटना के बाद से लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के खुले होने पर सवाल उठ रहे हैं. अकादमी में 180 आईएएस अधिकारी सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद हैं.

बता दें, बीते शुक्रवार 62 ट्रेनी आईएफएस अधिकारियों का एक दल रूस, स्पेन और फिनलैंड से ट्रेनिंग लेकर देहरादून लौटा था. विदेश दौरे से लौटने वाले इन ट्रेनी आईएफएस अधिकारियों की जानकारी पहले से ही FRI ने स्वास्थ विभाग को दे दी थी. ऐसे में देहरादून सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी के नेतृत्व में काम कर रहे कोरोना के जिला नोडल अफसरों और डॉक्टरों की टीम एफआरआई पहुंची और विदेश से लौटे सभी ट्रेनें अफसरों की मेडिकल जांच की. इस दौरान चार अफसर संदिग्ध पाए गए, जबकि अन्य को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है.

कोरोना वायरस पर WHO

गौर हो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत, ब्रिटेन और अमेरिका समेत कोरोना वायरस दुनिया के 148 देशों में फैला है और इसके कारण अबतक 7500 मौतें हो चुकी हैं. भारत में कोरोना वायरस को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया गया है. उत्तराखंड में इस को महामारी घोषित कर इससे निपटने को लेकर सरकार लगातार प्रयास कर रही है.

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने को लेकर सभी शिक्षण संस्थान, सिनेमा हॉल-मल्टीप्लेक्स सहित कई अन्य स्थानों को भी फिलहाल बंद किया गया है. वहीं शादी व अन्य बड़े कार्यक्रमों पर भी रोक लगा दी गई है लेकिन मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी को अभी बंद नहीं किया गया है, इस पर लगातार सवाल खड़े उठ रहे हैं.

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