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धारचूला में घर जाने के लिए फंसे नेपाली नागरिकों के दो गुटों में हुआ पथराव

धारचूला: घर जाने के लिए निकले नेपाली नागरिकों का धैर्य जवाब देने लगा है। सोमवार को नेपाली नागरिकों ने अंतर्राष्ट्रीय पुल के समीप अपनी ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस पर कुछ नेपाली नागरिकों ने आपत्ति जताई तो बवाल खड़ा हो गया है। दोनों गुटों में पत्थरबाजी शुरू हो गई। भारतीय पुलिस ने बमुश्किल दोनो पक्षों को शांत कराया।

करीब 600 से अधिक नेपाली नागरिक पिछले दो दिनों से धारचूला में फंसे हुए हैं। नेपाल की ओर से अंतर्राष्ट्रीय सीमा सील कर दिए जाने के कारण नेपाली नागरिक स्वदेश नहीं लौट पा रहे हैं। भारत में सशस्त्र सीमा बल(एसएसबी)इनके लिए भोजन की व्यवस्था कर रही है। सोमवार को नेपाली नागरिक स्वदेश लौटने की उम्मीद में अंतर्राष्ट्रीय पुल पर जमा हो गए। भारत की ओर से पुल खोल भी दिया गया, लेकिन नेपाल की ओर से पुल नहीं खोला गया। इससे नेपाली नागरिकों का धैर्य जवाब दे गया।

नेपाली नागरिकों ने नेपाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर दी। कुछ नेपाली नागरिकों ने इस पर आपत्ति की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी नहीं करने को कहा। इस पर बवाल खड़ा हो गया। दोनों पक्षों में पथराव शुरू हो गया, हालांकि पथराव से कोई घायल नहीं हुआ। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंच गई। दोनों पक्षों को समझाबुझाकर शात किया गया। देर सायं तक नेपाली नागरिक पुल पर ही फंसे हुए थे।

नेपाल की ओर से पुल नहीं खोले जाने से नेपाली नागरिक फंसे हुए हैं। इसके लिए नेपाल प्रशासन से वार्ता की जा रही है, नेपाली नागरिकों को स्वदेश भेजने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।

एके शुक्ला, एसडीएम धारचूला

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