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त्रिवेन्द्र ने किया प्रदेश को खनन माफियाओं के हवाले

विकासनगर- मोर्चा कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश की बेसुध जनता जो कि, गाय-गोबर, मन्दिर-मस्जिद से ऊपर उठने को तैयार नहीं है, का फायदा उठाकर सूबे के मुखिया त्रिवेन्द्र ने हिमाचल, हरियाणा व उ0प्र0 के खनन माफियाओं के हाथों प्रदेश को बेचने का काम किया है।

नेगी ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि बरसात सीजन को खत्म हुए लगभग 2-3 महीने बीत गये हैं, लेकिन प्रदेश में खनन पर अभी भी अघोषित रोक लगी है, जिस कारण, अन्य प्रदेशों से उपखनिज (रेत-बजरी इत्यादि) उत्तराखण्ड में लाया जा रहा है, जो कि, प्रति ट्रक 20-25 हजार में बिक रहा है।

नेगी ने कहा कि प्रदेश में खनन कारोबार से जुड़े लाखों मजदूर, खनन कारोबार से जुडे व्यवसायी तथा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर इस उपखनिज से होने वाले कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं तथा प्रदेश में निर्माण कार्य/विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़े हैं।

बड़े दुःख की बात है कि अन्य प्रदेश के खनन माफियाओं से सैकड़ों करोड़ की डील कर सी0एम0 त्रिवेन्द्र ने लगभग जनवरी 2020 तक खनन कारोबार बन्द रखने की मौहलत माफियाओं को दे रखी है, जैसा कि विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है।

आलम यह है कि मुखिया त्रिवेन्द्र के काले कारनामों का अनुसरण करने में प्रदेश के लगभग 60 फीसदी, विधायक खनन कारोबार में लिप्त हैं तथा अपने गुर्गों के माध्यम से इस काले कारोबार को संचालित करा रहे हैं।
मोर्चा ने प्रदेश की जनता से अपील की कि पार्टीबाजी से ऊपर उठकर प्रदेश हित में सोचें।

 

 

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