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पौड़ी के विकास भवन में लगा है गन्दगी का ढेर

पौड़ी गढ़वालः सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर बैन (single use plastic ban) और स्वच्छता भारत अभियान (clean india mission) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के दो ड्रीम प्रोजेक्ट हैं. लेकिन एनएसए अजीत डोभाल (Ajit Doval) समेत देश को आला सैन्य, प्रशासनिक अधिकारी देने वाले पौड़ी गढ़वाल के अधिकारियों को शायद यह जानकारी नहीं है. मंडल और ज़िला मुख्यालय पौड़ी गढ़वाल (Pauri Garhwal) के विकास भवन में न सिर्फ़ सिंगल यूज़ प्लास्टिक के कूड़े के ढेर लगे हुए हैं बल्कि अधिकारी इस स्थिति को स्वीकार तक करने को तैयार नहीं हैं और जब कूड़ा दिखेगा ही नहीं तो साफ़ कैसे होगा?

कूड़ा ही कूड़ा चारों तरफ़ 

बाहर से चमक-दमक और अंदर गदंगी का आलम. इसे ही कहते हैं चिराग तले अंधेरा. ज़िले में जिस विकास भवन से विकास की धारा बहने की उम्मीद की जाती है यह वहीं का नज़ारा है. नगर पालिकाओं, नगर निगमों और सरकारी विभागों में स्वच्छता और प्लास्टिक, पॉलीथीन इस्तेमाल न करने के लिए कई नियम बनाए गए हैं लेकिन उन पर अमल कितना हो रहा है उसकी सच्चाई ये तस्वीरें बयां कर रही हैं.

पौड़ी की रमणीक पहाड़ियों, घाटियों में रहने वाले लोगों को यहां आना बड़ी सज़ा लगती है. यहां बिखरा कूड़ा आंखों में चुभता है. स्थानीय निवासी महेंद्र सिंह असवाल कहते हैं कि विकास भवन के शौचालय, गैलरी सब कूड़े से भरे पड़े हैं. इतनी बुरी हालत है कि वहां जाने का मन नहीं करता.

सीडीओ के दावे 

लेकिन पौड़ी के सीडीओ हिमांशु खुराना दावा करते हैं कि विभाग में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दिया गया है और अधिकारी कर्मचारी सफ़ाई के प्रति सजग हैं. खुराना कहते हैं कि सफ़ाई के लिए हर विभाग में एक नोडल अफ़सर बनाया गया है जिसकी ज़िम्मेदारी सफ़ाई व्यवस्था सुनिश्चित करना है.

लेकिन एक बात तो साफ़ है कि ये लोग अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं. कूड़े में पड़ी शराब की बोतलें यह भी बताती हैं कि संभवतः शाम को यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी होता है जो अपनी पार्टी के सबूत यहीं छोड़ जाते हैं.

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