पौड़ी

सफाईकर्मियों की कहीं भरमार, तो कहीं टोटा

कोटद्वार: नगर निगम के अंतर्गत कई वार्डों में सफाई कर्मचारियों की भरमार हैं, तो कई वार्ड में दो ही सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं।

भाबर क्षेत्र के वार्डों में पर्याप्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने से सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखना भी चुनौती साबित हो रहा है। कई बार पार्षदों की ओर से यह समस्या उठाए जाने के बावजूद नगर निगम ने अभी तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।

 

करीब दो साल पहले कोटद्वार नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा दिया गया था। नगर निगम में भाबर व सनेह को शामिल कर 40 वार्ड बनाए गए थे। उस समय जनप्रतिनिधियों व अफसरों ने निगम में शामिल हुई ग्राम सभाओं के लोगों को बेहतर व्यवस्थाएं करने का भरोसा दिलाया था। हालांकि जमीनी हकीकत इससे उलट है।

सफाई कर्मचारियों की तैनाती में भी वार्डों के साथ भेदभाव हो रहा है। निगम के पास से 237 सफाई कर्मचारी थे। कुछ दिन पहले निगम को 32 नए सफाई कर्मचारी भी मिले हैं, बावजूद इसके व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हैं।

वार्ड नंबर एक से लेकर 20 तक करीब 167 सफाई कर्मचारियों की तैनाती है, जबकि वार्ड 21 से 40 तक मात्र 70 सफाई कर्मचारी ही है। 21 से 40 वार्डों में औसतन तीन कर्मचारी तैनात है, जबकि एक वार्ड की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए करीब सात कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए।

इसके अलावा, कई वार्ड में तो सफाई का जिम्मा सिर्फ दो कर्मचारियों पर ही है। ऐसे में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। भाबर क्षेत्र के पार्षद कई बार इस मुद्दे को बोर्ड बैठक व निगम के अफसरों के समक्ष उठा चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक इस मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

 

सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सफाई निरीक्षकों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।