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जल विद्युत परियोजना के खिलाफ मजदूर हुए मुखर

पुरोला: मोरी-नैटवाड़ जल विद्युत परियोजना में कार्यरत मजदूरों में वेतन को लेकर पारा चढ़ा हुआ है. दो दिन से कार्य बंद कर मजदूर अपने गुस्से का इजहार कर रहे हैं. मजदूर कंपनी पर कम वेतन और सुरक्षा उपकरण मुहैया न कराने सहित 19 मांगों के साथ डैम साइड पर ही धरने पर बैठ गए.

मजदूरों ने यह आंदोलन मजदूर संगठन सीटू के साथ मिलकर किया. डैम में कार्यरत मजदूरों की जेपी कंपनी के अधिकारियों से झड़प में एक स्थानीय युवा घायल हो गया. मजदूरों नें कंपनी पर शोषण करने का आरोप लगाया. मजदूरों नें जेपी ऑफिस के सामने जनसभा कर धरने पर बैठ गए और कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

कर्मियों नें जेपी कंपनी पर शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें बारह घंटे का 333 रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जो कि सरकार के न्यूनतम मजदूरी कानूनों का खुला उल्लघंन है. वहीं आंदोलन के दौरान कंपनी में कार्यरत कर्मियों में किसी बात को लेकर हाथापायी की नौबत आ गई. जिसमें एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया. जिसे उपचार के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. बता दें कि मोरी में बन रहे सतलुज जल विद्युत निगम के निर्माणाधीन 60 मेगावॉट मोरी-नैटवाड़ जल विद्युत परियोजना का कार्य चल रहा है.

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