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प्रधानमंत्री आवास योजना में घर मिलने की उम्मीद में पहुंचे लोगो की उम्मीदों पर मानकों ने डाला अड़ंगा

हल्द्वानी : नगर निगम की ओर से आयोजित लोन मेले में प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी दी गई। निगम के अधिकारियों ने योजना के विभिन्न घटकों की जानकारी दी। बैंक के प्रतिनिधियों ने घर बनाने के लिए फाइनेंस से जुड़ी प्रक्रिया के बारे में बताया।

शिविर में अधिकांश लोग घर मिलने की उम्मीद में पहुंचे थे। घर बनाने के लिए रजिस्ट्री वाली पक्की जमीन की बाध्यता के चलते कई लोग निराश लौट गए। सामाजिक विकास अधिकारी सुरेश अधिकारी ने शिविर में कहा कि क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम के तहत 17 जून 2015 के बाद बैंक लोन लेकर घर बनाने वाले लोग पीएम आवास योजना की सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। जनवरी 2017 के बाद सालाना 18 लाख तक आय वाले परिवारों को भी इसमें शामिल कर लिया है। लोगों ने संबंधित बैंकों के काउंटर पर जाकर आवेदन की प्रक्रिया समझी। मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला ने कहा कि सभी को घर देना केंद्र सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। इस दौरान लीड बैंक प्रबंधक एमएस जंगपांगी, सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान, राजीव पांडे, हर्ष सिंघल आदि मौजूद रहे।

मेयर ने विपक्षी पार्षदों को मंच पर बिठाया

मेयर डॉ. जोगेंद्र रौतेला ने पार्षदों को मुख्य मंच पर बैठाया। पार्षद राजेंद्र सिंह जीना, महेश चंद्र, नीमा भट्ट, मनोज जोशी, रईस वारसी गुड्डू, धर्मवीर डेविड आदि ने मेयर के साथ मंच साझा किया। इसमें अधिकांश कांग्रेसी पार्षद हैं।

बिना जमीन वालों को भी मिले घर

शहर की 40 फीसद आबादी नजूल पर बसी है। सर्वे के मुताबिक हल्द्वानी में 11 हजार से अधिक लोगों के पास अपना घर नहीं है। पार्षद रवि वाल्मीकि व मो. गुफरान का कहना है कि सरकार खाता-खतौनी या 300 वर्ग फीट जमीन वालों को घर दे रही है। जबकि नारा सभी बेघरों को 2022 तक पक्का घर का दिया गया था। सरकार संपन्न लोगों को योजना में मर्ज कर आंकड़े बाजी का खेल कर रही है।

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