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विभाग की बेरुखी से बागेश्वर के कठायताबाड़ा वार्ड को जोड़ने वाली सड़क गढ्ढो से हुई बदहाल

बागेश्वर : बड़े-बड़े महकमे और करोड़ों का बजट, बावजूद सड़कों की हालत बद से बदतर। कठायताबाड़ा वार्ड को जोड़ने वाली सड़क हल्की बारिश में जानलेवा बन रही है। कीचड़ में सने कच्चे वाहन मार्ग दुपहिया वाहनों के लिए जान के दुश्मन बने हुए हैं। स्थानीय लोगों को सड़कों की हालत दुरुस्त नहीं होने पर अब आंदोलन का विगुल फूंकने की चेतावनी दी है। कठायतबाड़ा क्षेत्र ऊंचाई पर बसा हुआ है, जहां छोटे वाहनों से पहुंचा जा सकता है। मार्ग बेहद दयनीय हालत में है। वन विभाग और कठायतबाड़ा क्षेत्र को जोड़ने वाला वाहन मार्ग अनगनित गड्ढ़ों से पटा है। बारिश के पानी से लबालब गड्ढ़े दुर्घटना का सबब बन रहे हैं। जबकि वन विभाग इनकी रखरखाव में हरसाल लाखों रुपये भी खर्च करता है।

वहीं आरे-द्यांगण बाइपास को वन विभाग से जोड़ने वाली सड़क भी करीब तीस मीटर तक जानलेवा बनी है। लाल चिकनी मिट्टी में वाहन रपट रहे हैं और सड़क के किनारे रखी रोड़ी भी बिछने का इंतजार कर रही है। कठयातबाड़ा के दागण क्षेत्र को जोड़ने के लिए गत वर्ष पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने राज्य सभा सांसद निधि से हल्का वाहन मार्ग बनाया, जिसमें सीसी या फिर डामरीकरण नहीं होने से वह भी बदहाल है। स्थानीय लोगों ने विभागों से सड़कों की सुध लेने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर, डीएफओ एमएस झा ने कहा कि वन विभाग के रास्ते और सड़कों की मरम्मत की जाएगी। वहीं पालिका के ईओ राजदेव जायसी ने कहा कि वह सड़क का स्वयं निरीक्षण करेंगे और जल्द उसे दुरुस्त किया जाएगा।

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