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2019 में मंदिर निर्माण की भविष्यवाणी सत्य हुई: साक्षी महाराज

ऋषिकेश,  श्री राम मंदिर जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रखर संत भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि मैंने वर्ष 2019 में अयोध्या में मंदिर निर्माण की भविष्यवाणी की थी जो अब सत्य साबित हो रही है।

उस वक्त विरोधियों ने मेरी बातों का मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में सभी वर्गों के हितों का पूरा ध्यान रखा है।

ऋषिकेश स्थित श्री भगवान भवन आश्रम में रविवार को पहुंचे उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने बातचीत में कहा की फैसले ने यह सिद्ध कर दिया है कि विवादित मसले का निस्तारण 40 दिन में भी हो सकता है।

मगर कांग्रेस ने इसे 70 साल तक लटका कर रखा और इसे सिर्फ वोट बैंक का मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि जब विवादित ढांचा गिरा था तो मैं इस घटना का साक्षी रहा हूं।

न्यायालय के फैसले से सांप्रदायिक सौहार्द कायम रहा है। पहले कभी ऐसा नहीं देखा गया। आज सभी धर्म के लोग इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं।

साक्षी महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के कारण देश में ऐसा माहौल बना कि न्यायालय के फैसले के बाद देश में विवाद के नाम पर पत्ता तक नहीं नहीं हिला। ऐसा ही जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त करने के बाद भी हुआ था।

भाजपा सांसद ने कहा कि सिर्फ हैदराबाद से ओवेसी इस फैसले पर चिल्ला रहे हैं। कानून के साथ किसी को भी खिलवाड़ की इजाजत नहीं दी जा सकती।

सर्वोच्च न्यायालय का हम आभार जताते हैं, जो उन्होंने 150 साल का विवाद 40 दिन में निपटा दिया। न्यायालय ने तथ्यों के आधार पर फैसला सुनाया है। जिसमें मुस्लिम वर्ग के हितों का भी ध्यान रखा गया है। आज सभी धर्माचार्य एक ही बात कह रहे हैं कि सभी वर्ग इस फैसले का पालन करें। सभी सांप्रदायिक सौहार्द बनाने का काम करें।

भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने बताया कि उन्होंने पूर्व में दो भविष्यवाणी की थी। उन्होंने कहा था कि वर्ष 2019 में श्री राम मंदिर का निर्माण शुरू होगा और उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की थी कि छह दिसंबर से पहले मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। दोनों ही भविष्यवाणी सही साबित हो रही हैं।

उस वक्त विपक्ष के लोगों ने मेरी बात का यह कहकर मजाक उड़ाया था कि मंदिर वहीं बनाएंगे मगर तारीख नहीं बताएंगे। साक्षी महाराज ने बताया कि उन्होंने अपनी इस भविष्यवाणी के पूरा ना होने पर राजनीति छोड़ देने की भी बात कही थी। अब न्यायालय का फैसला मंदिर के पक्ष में आ गया है।

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