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अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में लगेगा पहाड़ी स्वाद का तड़का

उत्‍तरकाशी,  प्रगति मैदान दिल्ली में 14 से 27 नवंबर के बीच आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में नवीं बार पहाड़ी स्वाद का तड़का लगेगा।

मेले में विकास स्वयं सहायता समूह नौगांव (उत्तरकाशी) से जुड़े लता नौटियाल व उनके पति नरेश नौटियाल पहाड़ी व रवाईं घाटी के विभिन्न उत्पादों का स्वाद दिल्ली वासियों को चखाएंगे। इन दिनों यह दंपती मेले के लिए 80 प्रकार के पहाड़ी उत्पादों की पैकिंग में जुटा है।

नौगांव नगर पंचायत के देवलसारी निवासी यह दंपती वर्ष 2009 से रवाईं, जौनपुर व जौनसार के गांव-गांव जाकर तरह-तरह के स्थानीय उत्पादों की खरीद कर रहा है।

इन्हें वह मुंबई, दिल्ली, चंडीगढ़, सूरत, देहरादून, मंडी, कुल्लू व शिमला के साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मेलों में स्टॉल लगाकर बेचता है। इससे जहां पहाड़ी उत्पादों को पहचान मिली है, वहीं स्थानीय 15 युवाओं को भी रोजगार मिल रहा है।

समूह से जुड़ी लता नौटियाल बताती हैं कि दिल्ली के लोगों को मंडुवा, झंगोरा, हर्षिल की राजमा, रवाईं के लाल चावल, सिल-बट्टे का नमक, बुरांश का आदि उत्पाद बेहद लुभाते हैं।

इसलिए प्रगति मैदान में लगने वाले मेले में इनकी अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है। बताया कि बीते वर्ष इस मेले में 3.60 लाख के उत्पाद बिके थे। इस बार उन्होंने पांच लाख रुपये की बिक्री का लक्ष्य रखा है।

लता बताती हैं कि कभी उनके लिए घर से निकलना भी बेहद मुश्किल था, लेकिन पति नरेश की प्रेरणा एवं सहभागिता से आज उनका परिवार लाखों रुपये का कारोबार कर रहा है।

साथ ही इससे स्थानीय युवाओं के लिए भी संभावनाओं के द्वार खुले हैं। बताया कि इस बार व्यापार मेले में उत्तराखंड से सिर्फ पांच स्टॉल ही लगेंगे। इनमें से एक विकास स्वयं सहायता समूह नौगांव का स्टॉल है।

समूह से जुड़े नरेश ने बताया कि इस बार व्यापार मेले में हर्षिल, मोरी व चकराता की राजमा, मिक्स राजमा, उड़द, पुरोला का लाल चावल, गहथ (कुलथ), तोर, सूंठे (लोबिया), झंगोरा, काले भट, सोयाबीन, जख्या, हल्दी, धनिया, मिर्च पाउडर, सिल-बट्टे का पिसा हरा नमक, हाथ से तैयार बड़ियां (उड़द, नाल), अखरोट, तिल आदि उत्पादों के साथ विभिन्न प्रकार की दालें और बुरांश, माल्टा, पुदीना, खुबानी आदि का जूस उपलब्ध कराया जाएगा।

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