देश/प्रदेश

दो बार शिलान्यास एक बार लोकार्पण नहीं सुधरे हालात

गौचर: अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौचर को अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन तैयार तो कर दिया गया है, लेकिन चार साल बाद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण का शासनादेश ही जारी नही हो सका है। जिससे चारधाम यात्रा मार्गो पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के सरकारी दावे हवाई साबित हुए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी का शासनादेश व मानकानुसार चिकित्सकों की तैनाती व संसाधन उपलब्ध कराने को लेकर पत्र भेजे, बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नही लाई जा सकी है। वर्ष 2006 में चारधाम यात्रा मार्ग के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गौचर का विलय सीएचसी में करने की घोषणा करते हुए तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने सीएचसी गौचर चिकित्सालय का शिलान्यास किया,

तीन करोड़ 60 लाख स्वीकृत होने के बाद पुन: सीएचसी का शिलान्यास तत्काल स्वास्थ्य मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी किया। चिकित्सालय भवन के साथ ही चिकित्सकों तथा स्टाफ के आवास तैयार हुए जिसका बकायदा लोकार्पण पांच अप्रैल 2015 को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने किया।

स्वास्थ्य विभाग चमोली को हस्तांतरित होने के बाद भी आज तक भव्य तैयार चिकित्सालय भवन को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा हासिल नही हो सका है जिससे आज भी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जैसी सुविधाएं व व्यवस्थाएं ही यहां संचालित हैं।

संसाधन व उचित चिकित्सा के अभाव में नगर क्षेत्र गौचर से चिकित्सालय पर निर्भर रानीगढ़, धनपुर, नागपुर पट्टी की 60 हजार से अधिक की आबादी को छोटी सी बीमारी के लिए देहरादून के चक्कर काटना मजबूरी बन जाती है। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी चिकित्सक एचएस बुदियाल का कहना है कि शासनस्तर पर उच्चीकरण की प्रक्रिया गतिमान है।

विशेष