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देश के सबसे बड़े जेल परिसर तिहाड़ में होने जा रहा सबसे बड़ा बदलाव

नई दिल्ली : क्षमता से करीब डेढ़ गुना अधिक कैदियों के कारण देश की सबसे बड़ी जेल परिसर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या का समाधान तलाशते हुए जेल प्रशासन अब जेल की सभी बैरकों को दो मंजिला बनाने की योजना पर विचार कर रहा है। योजना कार्यान्वित होने पर जेल में भीड़ के कारण कैदियों के बीच होने वाली समस्याओं को दूर किया जा सकेगा। बैरकों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से होगा।

जेल प्रशासन के मुताबिक पहले चरण में जेल संख्या एक, दो व तीन में निर्माण होगा। जेल संख्या एक, दो व तीन में निर्माण कार्य शुरू करने की वजह यह है कि ये तीनों जेल सबसे पुरानी हैं और एक दूसरे से जुड़ी हैं। इन तीनों का निर्माण पूरा हो जाने के बाद अन्य जेलों में निर्माण कार्य शुरू होगा।

तिहाड़ में सर्वाधिक जेल, लेकिन जगह सबसे कम

दिल्ली में तिहाड़ के अलावा रोहिणी व मंडोली में जेल परिसर हैं। तिहाड़ में नौ, रोहिणी में एक तथा मंडोली में छह जेल हैं। सबसे पुराना जेल परिसर तिहाड़ है। जेल संख्या आठ और नौ को छोड़कर यहां की सभी जेलों में पुराने ढांचे वाले बैरक हैं। इनमें अभी केवल भूतल है। पुराना ढांचा के कारण यहां जरूरी सुविधाओं का विस्तार करना संभव नहीं हो पा रहा है।

बैरकों में सबसे बड़ी समस्या अत्यधिक भीड़ के कारण उमस और घुटन का उत्पन्न होना है। इस उमस के कारण कैदियों के लिए गर्मी व बारिश के दौरान समय बिताना काफी कठिन हो जाता है। इन जेलों की फर्श भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बारिश होने पर कई बैरकों में पानी भर जाता है।

कैदियों के बीच संघर्ष होंगे कम

कुछ वर्ष पहले दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने तिहाड़ के कैदियों की समस्याओं पर अध्ययन किया था। अध्ययन के पश्चात छात्रों ने अपने सुझाव भी जेल प्रशासन को दिए थे। अध्ययन के अनुसार जेल में क्षमता से अधिक कैदियों के कारण उनमें तनाव, चिड़चिड़ापन, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाना, मारपीट जैसी समस्याएं सामने आती हैं। कई कैदियों को सोने के लिए कम जगह मिलती है। जगह के लिए कैदी आपस में मारपीट तक करने लगते हैं। इसके अलावा यहां शारीरिक दूरी का पालन न होने के कारण कैदियों में त्वचा रोग भी तेजी से फैलता है।

क्षमता 10 हजार है कैदियों की, बंद हैं 16 हजार कैदी

दिल्ली की जेलों में 10 हजार कैदियों को रखने की क्षमता है। लेकिन अभी करीब 16 हजार कैदी बंद हैं। यह संख्या घटती बढ़ती रहती है, लेकिन औसतन यहां न्यूनतम क्षमता से डेढ़ गुना अधिक कैदी रहते ही हैं।

दो स्तरीय है जेल विस्तार की योजना

जेल प्रशासन के मुताबिक जेल विस्तार की योजना दो स्तरों पर है। पहले स्तर में तिहाड़ की बैरकों को दो मंजिला बनाया जाना है। वहीं, दूसरे स्तर पर दिल्ली में एक नया जेल परिसर का निर्माण करना है। नया जेल परिसर नरेला में बनना प्रस्तावित है। दोनों ही प्रस्तावों पर काम चल रहा है।

 

 

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