राष्ट्रीय

तमिलनाडु पुलिस ने यूट्यूबर कार्तिक गोपीनाथ को 50 लाख की वसूली में किया गिरफ्तार

चेन्नई.तमिलनाडु की अवादी पुलिस (Awasi Police) ने चर्चित यूट्यूबर कार्तिक गोपीनाथ की गिरफ्तारी(YouTuber Kartik Gopinath arrested) को अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि कार्तिक गोपीनाथ के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह HR&CE(Hindu Religious and Charitable Endowments) की आड़ लेकर एक मंदिर की ओर से वसूली कर रहे थे। कार्तिक पर 50 लाख रुपये से अधिक की वसूली का आरोप लगाया गया है।

तमिलनाडु भाजपा ने DMK सरकार को घेरा
कार्तिक की गिरफ्तारी पर तमिलनाडु भाजपा ने सवाल उठाए हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई(K. Annamalai) ने tweet करके लिखा कि डीएमके हमेशा की तरह दबाव में होने पर डराने-धमकाने के हथकंडे अपना रही है। पूरी तरह से झूठे आरोप लगाना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह भी दिखाता है कि यह सरकार किस स्तर तक एक असहज आवाज को चुप कराने जा रही है। कुछ समय पहले उसके पिता से बात की थी और उसे आश्वासन दिया कि भाजपा इस राष्ट्रवादी के साथ खड़ी रहेगी और हमारी कानूनी टीम उनकी मदद करेगी।  अवादी साइबर क्राइम पुलिस ने YouTuber कार्तिक गोपीनाथ पर IPC की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया है। गोपीनाथ पर एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था कि उन्होंने मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए लाखों रुपये जुटाए और ठगा गया।

DMK सरकार के बड़े आलोचक माने जाते हैं कार्तिक
कार्तिक को 30 मई को गिरफ्तार किया है। एक राष्ट्रवादी( nationalist) के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले कार्तिक डीएमके सरकार के बड़े आलोचक माने जाते हैं। वे इस तरह के कई वीडियो बनाते रहे हैं, जिनमें सरकार की खामियों-गलतियों के बारे में बताया गया। उन्हें कथित तौर पर पेरम्बलुर जिले के सिरुवाचुर में मंदिरों के रीकंस्ट्रक्शन के लिए धन जुटाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। अक्टूबर और नवंबर 2021 में कथित तौर पर शरारती तत्वों ने  अलग-अलग मौकों पर पेरियासामी-चेल्लियाम्मन मंदिर और सेंगमलयार मंदिर में तोड़फोड़ की थी। तमिलनाडु हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती(Tamil Nadu Hindu Religious & Charitable Endowments department) विभाग के अंतर्गत आने वाले मदुरकालीअम्मन मंदिर से जुड़े मंदिरों की मूर्तियों में भी तोड़फोड़ की गई थी। हालांकि इन मंदिरों के रीकंस्ट्रक्शन के लिए जुटाए जा रहे चंदे को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

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