राज-सत्ता

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली

कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. चुनाव आयोग ने कमलनाथ के विवादित बयान के बाद उनका नाम कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची से हटाने का आदेश दिया था. चुनाव आयोग के इस फैसले पर अब सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. चुनाव आयोग के ऐक्शन के खिलाफ कमलनाथ ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. अब सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ के पक्ष में फैसला किया.

बता दें कि चुनाव आयोग ने पिछले दिनों कमलनाथ को चेतावनी के बावजूद बार-बार चुनावी सभाओं में अपने बयानों से आचार संहिता का उल्लंघन करने पर पूर्व मुख्यमंत्री को कांग्रेस पार्टी के स्टार प्रचारकों की लिस्ट से हटाने का आदेश दिया था.

मध्य प्रदेश उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग की ओर से हुई कार्रवाई के बाद कमलनाथ ने कहा था, ‘मेरी आवाज को दबाने का प्रयास है. अब जनता फैसला करेगी. कांग्रेस की आवाज को कुचलने का प्रयास है. सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं. जनता सच्चाई का साथ देगी. मैं प्रचार करने जाऊंगा. मुझे कोई नहीं रोक सकता.’

मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर मतदान

मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के लिए तीन नवंबर को उपचुनाव होना है. इन 28 सीटों पर 12 मंत्रियों सहित कुल 355 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इन सीटों पर मायावती के नेतृत्व वाली बीएसपी एवं कुछ अन्य छोटे राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं, लेकिन अधिकांश सीटों पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही होने की उम्मीद है.

कांग्रेस के 22 विधायकों के त्यागपत्र देकर बीजेपी में शामिल होने के कारण प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी, जिसके कारण कमलनाथ ने 20 मार्च को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. फिर 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनी.

उपचुनाव के बाद सदन में विधायकों की संख्या वर्तमान 202 से बढ़कर 229 हो जाएगी, इसलिए बीजेपी को बहुमत के 115 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए इस उपचुनाव में मात्र आठ सीटों को जीतने की जरूरत है, जबकि कांग्रेस को पूरी 28 सीटें जीतनी होंगी. भाजपा ने उन सभी 25 लोगों को अपना प्रत्याशी बनाया है, जो कांग्रेस विधायकी पद से इस्तीफा देर भाजपा में शामिल हुए हैं.

विशेष