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नई नीति को लेकर स्टोन क्रेशरों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन हड़ताल

बाजपुर स्टोन क्रशर एसोसिएशन की बैठक में सरकार की ओर से तय की गई नई नीति को लेकर गहरा रोष जाहिर किया गया। इस दौरान सहमति के आधार पर स्टोन क्रशर संचालकों ने बृहस्पतिवार से बेमियादी हड़ताल कर स्टोन क्रशर बंद रखने का निर्णय लिया।

दोराहा स्थित होटल में आयोजित स्टोन क्रशर संचालकों की बैठक में वक्ताओं ने कहा कोर्ट ने जो जानकारी मांगी है, वह सब खनन, प्रदूषण सहित अन्य विभागों के पास मौजूद है। स्टोन क्रशर का लाइसेंस विभागों की रिपोर्ट के आधार पर ही दिया जाता है लेकिन शासन स्तर से जांच दल, कमेटियां गठित कर क्रशर संचालकों को प्रताड़ित करना है।
नयी नीति के तहत स्टोन क्रशरों को चलाना बहुत मुश्किल है। स्टोन क्रशर पहले ही घाटे में चल रहे है। नयी नीति से स्टोन क्रशर खुद ही बंद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि खनन कारोबार से हजारों मजदूर जुड़े हैं। सरकार को सभी के हितों का ध्यान रखना चाहिए।
वहां पर अंकुर अग्रवाल, सुरेंद्र नामधारी, मयंक मित्तल, बबलू नामधारी, राजेश सिंघल, राजीव गोयल, हरवीर सिंह, इंदरजीत मेहता, सुधीर, गुरप्रीत सिंह रिम्मी, अमर सिंह, जसविंदर बेदी आदि थे। संवाद
खनन मजदूरों में खलबली
बाजपुर। स्टोन क्रशरों पर संकट के बादल मंडराने से खनन कारोबार से जुड़े मजदूरों में खलबली मची है। बाजपुर तहसील क्षेत्र में करीब 35 स्टोन क्रशर हैं, जहां हजारों लोगों को रोजगार मिला है। क्रशरों के बंद होने पर मजदूर और अन्य लोगों के सामने रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। लोगों का कहना है कि स्टोन क्रशर बंद होने से सरकार को भी राजस्व का नुकसान होगा। सरकार को ऐसी खनन नीति बनानी चाहिए जिससे रोजगार मिले और सरकार को भी लाभ हो।

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