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पिथौरागढ़ जिले के जीआइसी चौड़मन्या में बिना प्रयोगशाला हो रही विज्ञान की पढ़ाई

बेरीनाग : विज्ञान की पूरी पढ़ाई प्रयोग पर निर्भर है, लेकिन सीमांत जनपद में विकासखंड बेरीनाग के दूरस्थ राइंका चौड़मन्या बिना प्रयोगशाला संचालित हो रहा है। इससे यहां अध्ययनरत विज्ञान विषय के छात्र-छात्राओं का डाक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक बनने का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है। विद्यालय भवन भी जीर्ण-शीर्ण हालत में है।

राजकीय इंटर कालेज चौड़मन्या में वर्तमान में 333 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन 35 वर्ष बाद भी यहां विज्ञान विषय में जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला नहीं बन पाई है। वहीं, भौतिक विज्ञान और हिन्दी लेक्चरर के पद भी रिक्त हैं। लगभग दस ग्राम पंचायतों के केन्द्र बिदु में स्थित इस विद्यालय में विज्ञान विषय के छात्र-छात्राओं को प्रयोगशाला न होने से परेशानी हो रही है। स्थिति यह है कि प्रयोगशाला में प्रायोगिक कार्य कराए बगैर विज्ञान विषय की पढ़ाई की जा रही है। प्रयोगशाला के अभाव में कई छात्र-छात्राएं कला वर्ग में प्रवेश ले चुके हैं। साधन संपन्न कई परिवार अपने बच्चों के भविष्य की खातिर गांव से पलायन कर चुके हैं, लेकिन गरीब परिवारों के लिए अपने बच्चों को संसाधनों के अभाव के बावजूद इसी विद्यालय में पढ़ाना मजबूरी बन गई है। टिनशेड में चल रही कक्षाएं चौड़मन्या विद्यालय भवन भी जीर्ण-शीर्ण हालत में है। विद्यालय में कक्षाएं आज भी पुराने टिनशेड में चल रही हैं। यह जर्जर टिन भी कभी भी उखड़ सकता है। इससे बड़ा हादसा होने की भी आशंका है। अभिभावकों का कहना है कि इस संबंध कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

विद्यालय के नए भवन निर्माण को लेकर लगातार उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जा रहा है। भवन निर्माण को लेकर अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है।

– कुलदीप चंद्र, प्रधानाचार्य।

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