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संजय राउत ने केंद्र सरकार से पूछा- PAK कब्जे वाला कश्मीर भारत कब आएगा?

पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) को वापस लाने का वादा किया था. वे बताएं कि वे यह काम कब करने वाले हैं. ‘द कश्मीर फाइल्स’ (The Kashmir Files) फिल्म बन गई. आप खुद उसके प्रचारक बने. निर्माता को अब पद्म सम्मान दिया जाएगा. कश्मीर में धारा 370 भी हट चुकी है. राम मंदिर भी बन चुका है. कश्मीरी पंडितों की घर वापसी कब होगी? आपको प्रधानमंत्री जी याद हो कि आपने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को वापस लाने का भी वादा किया था. वो वादा कब पूरा कर रहे हैं? इन शब्दों में शिवसेना सांसद संजय राउत  (Sanjay Raut) ने आज (20 मार्च, रविवार) मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए बीजेपी की राजनीति को लेकर फिर हमला बोला.

‘द कश्मीर फाइल्स’ पर बोलते हुए संजय राउत ने कहा, ‘कश्मीर अपने देश के लिए और देश की जनता के लिए अत्यंंत संवेदनशील मुद्दा है. कई सालों तक इस पर राजनीति हुई. हमें ऐसा लगता था कि जब नरेंद्र मोदी सत्ता में आएंगे तो यह राजनीति खत्म होगी. लेकिन यह तो बढ़ती ही जा रही है. द कश्मीर फाइल्स में कई ऐसी बातें हैं, जो झूठ हैं और जो हुई ही नहीं थी. लेकिन वो एक फिल्म है. जिनको देखना होगा, वो देखेंगे. जिनको खटकेगा, वो बोलेंगे. इतनी आजादी तो अपने देश में है.’

संजय राउत ने कहा, ‘ इसमें कोई शक नहीं कि कश्मीरी पंडितों के साथ अत्याचार हुआ है. सिक्खों ने भी बलिदान किया है. सुरक्षा दल के मुस्लिम जवानों को भी आतंकवादियों ने मारा है. कश्मीरी पंडित बताते हैं कि उन्हें बचाने कई बार मुस्लिम अधिकारी भी सामने आए. पर अब जो सबसे अहम मुद्दा है, वो यह कि कश्मीरी पंडितों की घर वापसी कब होगी? कश्मीर के नौजवानों की बेरोजगारी कब दूर होगी? कश्मीर में सबसे बड़ा निवेश कब होने जा रहा है? और सबसे अहम पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर हिंदुस्तान में कब वापस आ रहा है? वीर सावरकर का वो सपना हम इस जन्म में सच होता हुआ देख पाएंगे क्या? ‘

‘जरूरत पड़ी तो हिंदुत्व के लिए हाथ में तलवार लेकर शिवसेना है तैयार’

शिवसेना सांसद ने कहा, ‘ शिवसेना कभी भी हिंदुत्व को छोड़ नहीं सकती, ना ही कभी हमने हिंदुत्व  छोड़ा है. हिंदुत्व को कौन भूला, यह  बीजेपी से पूछना चाहिए. हिंदुत्ववादी पार्टी शिवसेना के साथ धोखा किसने किया, यह उन्हें चिंतन करना चाहिए. कश्मीर में पृथकतावादी और अफजल गुरु से सहानुभूति रखने वाली महबूबा मुफ्ती  के साथ मिल कर सरकार बनाने वाले हमें हिंदुत्व ना सिखाएं. जब जरूरत पड़ी तो हम हिंदुत्व के लिए तलवार लेकर तैयार खड़े रहेंगे.’

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