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कांडा तहसील में खड़िया खनन को लेकर ग्रामीण और जिला प्रशासन आमने सामने

बागेश्वर: कांडा तहसील के ढप्ती में खड़िया खनन को लेकर ग्रामीण और जिला प्रशासन आमने-सामने है। जब कुछ ग्रामीण खनन रोकने खनन स्थल पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया और पुलिस थाने ले आई। मामले को लेकर दिन भर गहमागहमी रही।

गुरुवार को ढप्ती गांव में खड़िया खनन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। यहां पट्टाधारक प्रेम सिंह पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा में खड़िया खनन कर रहा था। तभी गांव की कुछ महिलाएं वहां पर पहुंच गईं। जो खड़िया खनन रोकने के लिए अड़ गई। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी योगेंद्र सिंह व पुलिस के जवानों ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने।

कानून व्यवस्था भंग ना हो और शांति बनी रहे। इसलिए पुलिस महिलाओं को कांडा थाना ले आई। ग्रामीण ललिता देवी, पुष्पा, दीपा, राम सिंह, गोकुल सिंह ने कहा कि अवैध तरीके से खड़िया खनन किया जा रहा है। जिसका वह विरोध कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर वह डीएम के पास भी गए। अगर जबरन कार्य किया गया तो इसका विरोध किया जाएगा। खनन से मकानों को खतरा पैदा हो गया है। चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक खड़िया खनन बंद नहीं होता आंदोलन जारी रहेगा।

इधर, उपजिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश के बाद सीमांकन किया गया है। पट्टाधारक प्रेम सिंह जिस जगह पर खनन कार्य कर रहा है। उसकी एनओसी उसके पास है। जिन लोगों ने अपने खेतों की एनओसी दी है वह लोग विरोध नहीं कर रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने जब पट्टाधारक की जेसीबी के शीशे तोड़े तो उसने जानमाल की सुरक्षा की मांग की थी। कानून व्यवस्था बने रहे इसके लिए पुलिस वहां पर लगाई गई थी।

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