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अफ़वाहों, अफ़रातफ़री और लापरवाही तथा अनजाने में जो ग़लतियां हो गई उसने ही कोरोना को बढ़ा दिया है

अफ़वाहों के दबाव, अफ़रातफ़री और अनजाने में जो ग़लतियां हमने कर दीं वो कर दीं. आगे के लिए सचेत हो जाएं. जिस गंभीर मरीज़ को अस्पताल में दाखिल कराने की ज़रूरत हो उसे ही अस्पताल में दाखिल किया जाए बाकी लोगों को आइसोलेशन सेंटर्स में रखा जाए. कोई डॉक्टरों पर अपना रौब ना गांठे कि वो फलां आदमी है तो उसे वीआईपी इलाज मिले. अगर ऐसा हुआ तो फिर ग़रीब हो या अमीर, किसी को इस बीमारी से लंबे समय तक बचा पाना मुश्किल होगा.

संसाधन सीमित हैं, लोग बहुत ज़्यादा, इसलिए समझदारी से इस्तेमाल करने होंगे. चीन और यूरोप में मात खाने के बाद दुनिया अब सहमी हुई भारत की ओर ही देख रही है. दुनिया का हर पांच में से एक इंसान भारत में रहता है. हमने कम क़ीमत देकर संभाल लिया तो दुनिया संभल जाएगी, हम नहीं संभाल पाए तो भगवान जाने क्या हो. चीन, इटली, स्पेन, अमेरिका जैसे ताक़तवर देशों का हाल आप देख ही रहे हैं.

 

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