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रुद्रप्रयाग बस अड्डे का 13 लाख की लागत से बनाया गया शौचालय डेढ़ वर्ष बाद भी हैंडओवर नही

रुद्रप्रयाग : नये बस अड्डे के समीप 13 लाख की लागत से बनाया गया शौचालय डेढ़ वर्ष बाद भी पर्यटन विभाग को हैंडओवर नहीं हो पाया है। जिससे देखरेख के अभाव में लाखों की संपत्ति बर्बाद होने के कगार पर है। लोगों को इसका लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।

व्यापार संघ ने यात्राकाल से पूर्व इस शौचालय का संचालन करने की मांग की है। वर्ष 2018 में राजकीय निर्माण निगम द्वारा भारत सरकार की प्रसाद योजना के तहत शौचालय का निर्माण किया गया था। इसमें महिला व पुरूष के लिए अलग-अलग स्नानघर के साथ शौचालय व यूरीनल की सुविधा उपलब्ध है। लेकिन, डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्यदायी संस्था द्वारा इसे पर्यटन विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है, जिस कारण लाखों की संपत्ति महज शोपीस बनी हुई है। देखरेख के अभाव में शौचालय में साफ सफाई व भवन की देखरेख भी नहीं हो पा रही है। बस अड्डे में रोजाना बड़ी संख्या में बाहरी क्षेत्रों के लोगों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे शौचालय की समुचित व्यवस्था न होने से विशेषकर महिलाओं को दिक्कत उठानी पड़ती है।

व्यापार संघ के अध्यक्ष चंद्र मोहन सेमवाल का कहना है कि कार्यदायी संस्था व पर्यटन विभाग के आपसी तालमेल के अभाव में शौचालय का संचालन नहीं हो पा रहा है। वहीं जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल ने बताया कि कार्यदायी संस्था द्वारा अभी शौचालय में कुछ शेष कार्य पूरा किया जाना है। इस बारे में पत्राचार किया गया है, इसके बाद ही हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी हो पाएगी।

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