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अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर कदम कदम पर जोखिम, बेतरतीब कटान से बढ़ रहा खतरा

रानीखेत : अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर कदम कदम पर जोखिम बढ़ गया है। बेतरतीब कटान से कमजोर हो चुकी पहाड़ियों से भूस्खलन होने से खतरा बढ़ते ही जा रहा है। पहाड़ियों से पत्थर गिरने से कई लोग बेमौत मारे भी जा चुके हैं। बावजूद खस्ताहालत में पहुंच चुकी पहाड़ियों के उपचार को ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। विभागीय अनदेखी से जर्जर हालत में पहुंच चुकी पहाड़ियों को जस के तस छोड़ दिया गया है। हाईवे पर गिरने वाले मलवे को हटा इतिश्री कर ली जा रही है पर पहाड़ियों पर सुरक्षा के प्रबंध नहीं किए जा रहे। जिस कारण यात्री जान हथेली पर आवाजाही करने को मजबूर हैं। पाडली, दोपाखी, भोर्या बैंड, लोहाली, नावली आदि तमाम स्थानों पर लगातार हालात बिगड़ते जा रही है। पाडली से काकड़ीघाट तक करीब 15 किलोमीटर का सफर जोखिम भरा है। हाईवे पर रोजाना जगह जगह पत्थर गिरने व भूस्खलन होने से आए दिन जाम भी लग रहा है। जिसका खामियाजा हाईवे से सटे गावों के लोगो व यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।

पाडली की पहाड़ी से खतरा

अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित पाड़ली की पहाड़ी लगातार खतरनाक रुख अपना रही है। करीब एक किमी दायरे में काफी ऊंचाई से पत्थर गिरने से हर वक्त दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कमजोर पड़ चुकी पहाड़ी पर जंगली जानवरों की आवाजाही से तक हाईवे पर पत्थर गिरते हैं।

भोर्या बैंड व दोपाखी में खतरा दोगुना

हाईवे पर दोपाखी व भोर्या बैंड में तो हालात और विकट है। जहा दोपाखी में विशालकाय बोल्डर गिरते हैं। वहीं भोर्या बैंड में करीब चार अलग-अलग स्थानों पर पहाड़ी के हालात बिगड़ चुके हैं। भोर्या बैंड पर हाईवे चौड़ीकरण के दौरान बेतरतीब कटान ने हालात बिगाड़ कर रख दिए हैं।

लोहाली में जान जोखिम में

हाईवे पर लोहाली क्षेत्र का पाच सौ मीटर का दायरा भविष्य में बडे़ खतरे की ओर इशारा कर रहा है। पहाड़ी से लगातार भूस्खलन ने कमजोर कर दिया है। इस अतिसंवेदनशील क्षेत्र में करीब दस से ज्यादा लोग बेमौत मारे जा चुके हैं। नावली क्षेत्र में भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

जल्द निरीक्षण किया जाएगा। लोहाली क्षेत्र में 3.69 करोड़ रुपये की लागत से डायवर्जन तैयार किया जाना है। आवाजाही सुरक्षित रहे। इसके लिए गंभीरता से कार्य किया जाएगा।

– एलएम तिवाड़ी, सहायक अभियंता, एनएच।

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