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पिथौरागढ़ के दो ब्लॉको में पायलट प्रोजेक्ट की मदद से कैंसर के खतरे पर लगेगा अंकुश

पिथौरागढ़ : देश में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने अब संभावित रोगियों की पहले ही पहचान कर लेने की योजना तैयार की है। इसके तहत आम व्यक्ति की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। खान-पान और शारीरिक माप-जोख के आधार पर ऐसे लोगों को चिह्नित कर समुचित उपचार दिया जाएगा। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन के तहत संचालित होगा।

उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के मुनस्यारी और बेरीनाग विकास खंड को इस कार्यक्रम के लिए चुना गया है। कार्यक्रम के तहत तैनात किए जाने वाले सीएचओ (कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर) गांव-गांव जाकर लोगों का रिकॉर्ड तैयार करेंगे। बीपी, शुगर आदि के मरीजों की जांच के साथ ही परिवार के स्वास्थ की हिस्ट्री से संबंधित डाटा रिकॉर्ड किए जाएंगे। शराब, धूमपान करने वालों में कैंसर की संभावना तलाशी जाएगी और कैंसर के मामलों में संदिग्ध लोगों की जांच कराई जाएगी। कैंसर का कोई मामला सामने आता है तो उसका पूरा उपचार योजना के तहत कराया जाएगा। इस कार्यक्रम में आशाओं की मदद भी ली जाएगी। कार्यक्रम की शुरू आत एक अप्रैल को दोनों विकास खंड में होगी।

गैर संचारी रोग की पहचान के लिए एनएचएम के तहत कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यह कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण है। लोगों को गंभीर स्थिति में पहुंचने से पहले ही चिंहित कर लिया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को नशे और तंबाकू के सेवन से दूर रहने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

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