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पेपर लीक मामले में न्यायालय ने प्रधानाचार्य मनोज कुकरेती को किया दोष मुक्त

रुद्रप्रयाग: समूह-ग की लिखित परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में न्यायालय ने विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य मनोज कुकरेती को दोष मुक्त करार दिया है।

26 जुलाई 2015 को समूह-ग के पद कोड़ संख्या 066 के लिए पूरे प्रदेश में लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए माई गोविन्द गिरी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बेलनी रुद्रप्रयाग में बनाए गए केंद्र में पेपर लीक होने का मामला सामने आया था। जिसके बाद केन्द्र के नोडल अधिकारी देवेन्द्र गिरी द्वारा परीक्षा केन्द्र प्रभारी मनोज कुकरेती के खिलाफ पेपर लीक करने के मामले में दो अगस्त 2015 को एफआइआर दर्ज कराई गई।

देवेन्द्र गिरी उस समय राजकीय पॉलिटेक्निक रतूड़ा के प्रधानाचार्य थे। इस मामले की बीते 11 मार्च को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रुद्रप्रयाग के सम्मुख सुनवाई हुई, जिसमें उन्हें निर्दोष करार दिया गया। कोर्ट ने यह भी फैसला सुनाया कि इस केन्द्र पर कोई भी प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ और साजिश के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज करा दिया गया। उधर, कुकरेती का कहना है कि इस मामले में उनकी मान हानि हुई है और वे देवेन्द्र गिरी के खिलाफ मामला दर्ज कराएंगे।

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