राष्ट्रीय

चिंतन शिविर में प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों के गृहमंत्रियों को किया संबोधित

हरियाणा के सूरजकुंड में दो दिवसीय चिंतन शिविर का आज आखिरी दिन है. पहले दिन गृहमंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन के साथ इस चिंतन शिविर की शुरुआत की. जिसके बाद अब प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेशों के गृहमंत्रियों को संबोधित किया है. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश में त्योहार का सीजन है, देश शांति से त्योहार मनाए. हर राज्य दूसरे राज्य से सीख ले. कानून व्यवस्था को लेकर पीएम ने कहा कि इसका सीधा संबंध राज्य के विकास से है.

सूरजकुंड में हो रहे इस चिंतन शिविर में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री शामिल हैं. चिंतन शिविर में साइबर अपराध, ड्रग तस्करी, सीमा प्रबंधन,कट्टरपंथ सहित तमाम चुनौतियों पर मंथन हो रहा है.

‘देश की अखंडता से भी जुड़े हैं राज्य’
पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संबोधन में कहा कि आजादी का अमृतकाल हमारे सामने है. आने वाले 25 साल देश में एक अमृत पीढ़ी के निर्माण के हैं. ये अमृत पीढ़ी ‘पंच प्राणों’ के संकल्पों को धारण करके निर्मित होगी. संविधान में भले कानून और व्यवस्था राज्यों का दायित्व है, लेकिन ये देश की एकता-अखंडता के साथ भी उतने ही जुड़े हुए हैं. हर एक राज्य एक दूसरे से सीखें, एक दूसरे से प्रेरणा लें. विकसित भारत का निर्माण, गुलामी की हर सोच से मुक्ति. विरासत पर गर्व, एकता और एकजुटता और नागरिक कर्तव्य…इन पंच प्रणों का महत्व आप सभी भली भांति जानते हैं, समझते हैं. ये एक विराट संकल्प है, जिसको सिर्फ और सिर्फ सबके प्रयास से ही सिद्ध किया जा सकता है.

‘राज्य एजेंसियों का करें सहयोग’
पीएम मोदी ने राज्यों के गृहमंत्रियों को आगे कहा कि देश की बेहतरी के लिए काम करें. ये संविधान की भी भावना है और देशवासियों के प्रति हमारा दायित्व है. जब देश का सामर्थ्य बढ़ेगा तो देश के हर नागरिक, हर परिवार का सामर्थ्य बढ़ेगा. यही तो सुशासन है, जिसका लाभ देश के हर राज्य को समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है. इसमें आप सभी की बहुत बड़ी भूमिका है. कई बार केंद्रीय एजेंसियों को कई राज्यों में एक साथ जांच करनी पड़ती है, दूसरे देशों में भी जाना पड़ता है, इसलिए हर राज्य का दायित्व है कि चाहे राज्य की एजेंसी हो, चाहे केंद्र की एजेंसी हो. सभी एजेंसियों को एक-दूसरे को पूरा सहयोग देना चाहिए.

Leave a Response