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80 परिवारों को बेघर करने की तैयारी

मसूरी: शिफन कोर्ट में निवास कर रहे 80 परिवारों को पालिका प्रशासन द्वारा हटाए जाने को लेकर दिए गए नोटिस पर पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने कड़ा ऐतराज जाहिर किया है.

उन्होंने कहा कि पालिका प्रशासन पहले 80 परिवारों को विस्थापित करने का काम करें तत्पश्चात उन्हें हटाया जाए. उन्होंने कहा कि पालिका प्रशासन द्वारा बिना किसी सूझबूझ और प्लान के तहत काम किया जा रहा है, जिससे लोगों को खासी परेशानी हो रही है.

मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि मसूरी देहरादून पूरुकुल रोपवे के तहत शिफन कोर्ट में एक भाग में प्लेटफार्म बनाया जाना है, जिसको लेकर पिछले दिनों पर्यटन विभाग के द्वारा सर्वे भी किया गया था और उनके कार्यकाल के दौरान करीब 80 परिवारों को चिन्हित किया गया था.

जिसमें उन्होंने पर्यटन विभाग से पहले 80 परिवारों को विस्थापित करने का आग्रह किया गया था, उन्होंने कहा कि जमीन पालिका की है. ऐसे में पालिका को 80 परिवारों की व्यवस्था करनी चाहिए तब जाकर 80 परिवार को वहां से हटाया जाए.

उन्होंने कहा कि हाल में पटरी व्यापारियों को भी बिना किसी नियोजित प्लान से हटाने का काम किया गया था जिससे पालिका और पटरी व्यापारियों में खासा बवाल हुआ.

वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मसूरी दौरे के दौरान नगरपालिका से वेंडर जोन बनाए जाने को लेकर भूमि उपलब्ध कराएं जाने की बात कही थी,

जिसे सरकारी स्तर पर वेंडर जोन बनाया जा सके वहीं पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता 3 माह के अंदर स्वय वेंडर जोन बनाने की बात कह रहे हैं. ऐसे में पालिका किस दिशा में काम कर रही है किसी को समझ में नहीं आ रहा है.

उन्होंने कहा कि शिफन कोर्ट में रह रहे 80 परिवारों को बिना विस्थापित किए हटाया गया तो कांग्रेस के द्वारा कड़ा विरोध कर पालिका प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरने को विवश होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी पालिका की होगी.

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