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रुड़की शहर के सार्वजनिक शौचालयों को पीपीपी मोड पर देने की तैयारी

रुड़की: शहर के सार्वजनिक शौचालयों की सूरत सुधरने वाली है। नगर निगम सार्वजनिक शौचालयों को पीपीपी मोड पर देने की तैयारी कर रहा है। जिसके बाद शौचालयों की साफ सफाई की पूरी जिम्मेदारी निजी कंपनी की होगी।

रुड़की शहर पिछले तीन साल से स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रदेश में पहले स्थान पर आ रहा है। इस बार भी नगर निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि रुड़की स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम स्थान पर ही आएगा। शहर में सफाई व्यवस्था ठीक है, लेकिन सार्वजनिक शौचालयों की हालत सुधर नहीं पा रही है। नगर निगम रुड़की क्षेत्र में 17 सार्वजनिक शौचालय हैं। इनमें 10 शौचालय सुलभ एवं अन्य एनजीओ आदि के हैं। जबकि सात सार्वजनिक शौचालय निगम ने बनवाए हैं। नौ और सार्वजनिक शौचालय निगम बनवाने जा रहा है। सार्वजनिक शौचालयों में साफ सफाई की स्थिति ठीक नहीं है।

इसको लेकर लगातार शिकायतें निगम को मिलती रहती है। सार्वजनिक शौचालयों में अक्सर पानी की टोंटियां गायब मिलती हैं। सफाई नियमित नहीं होने से सार्वजनिक शौचालयों में जाना मुश्किल होता है। इस समस्या से निपटने के लिए निगम सार्वजनिक शौचालयों को अब पीपीपी मोड पर देने की तैयारी में है। इसके लिए विभिन्न एजेंसियों से भी संपर्क साधा जा रहा है। सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि सार्वजनिक शौचालयों की दशा सुधारने के लिए उन्हें पीपीपी मोड पर दिये जाने की योजना है। पीपीपी मोड पर जाने के बाद शौचालयों की पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।

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