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आइसीयू और आइसोलेशन बेड की संख्या बढ़ाने की तैयारी

देहरादून । उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। कोरोना के उपचार के लिए अधिकृत अस्पतालों में जहां आइसोलेशन बेड बढ़ाए जा रहे हैं, वहीं आइसीयू की भी क्षमता बढ़ेगी। वर्तमान समय में पांच अस्पतालों में 1400 बेड कोरोना के मरीजों के उपचार के लिए आरक्षित हैं। जबकि वेंटिलेटर सहित 74 आइसीयू बेड की व्यवस्था है। जिससे अगले एक माह के भीतर और बढ़ा दिया जाएगा। तकरीबन दो हजार आइसोलेशन बेड व 215 आइसीयू बेड केवल कोरोना के मरीजों के लिए आरक्षित होंगे।दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के अलावा निजी अस्पतालों में भी बेड आरक्षित किए गए हैं। संसाधन भी बढ़ाए जा रहे हैं। अप्रैल अंत तक आइसीयू बेड करीब तीन गुना बढ़ जाएंगे।

उत्तराखंड नर्सेज एसोसिएशन ने रखी स्थायी नियुक्ति की मांग

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में चिकित्सक व नर्स सबसे आगे खड़े हैं। इस संकटकाल में राज्य सरकार ने चिकित्सकों की तो नियमित भर्ती की, पर नसिर्ंग का स्टाफ अस्थायी रखा जा रहा है। जिस पर नर्सेज एसोसिएशन ने एतराज जताया है। संगठन ने इस संदर्भ में सीएम को पत्र भेजा है। उत्तराखंड नर्सेज एसोसिएशन की अध्यक्ष मीनाक्षी जखमोला व महामंत्री कांति राणा का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग व चिकित्सा शिक्षा में काफी पद रिक्त है, पर इन्हें नहीं भरा जा रहा। कहा कि नसोर्ं की अस्पतालों में मरीजों की देखभाल एवं अस्पताल प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। राज्य सरकार ने चिकित्सकों की स्थायी नियुक्तियां की, लेकिन नर्सों की एनएचएम के माध्यम से मात्र कुछ माह के लिए केवल 15 हजार रुपये प्रति माह पर भर्तियां की जा रही हैं।

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